स्पोर्ट्स डेस्क 5 दिसंबर 2025
इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज़ जो रूट ने आखिरकार वह मुकाम हासिल कर लिया, जिसकी कमी उन्हें लंबे समय से भीतर तक चुभती रही थी—ऑस्ट्रेलिया की धरती पर उनका पहला टेस्ट शतक। रूट ने अपने भावुक अनुभव साझा करते हुए बताया कि यह शतक सिर्फ एक पारी नहीं, बल्कि एक अधूरा सपना था जिसे पूरा करने में वर्षों लग गए।
उन्होंने कहा कि कई बार ऑस्ट्रेलिया में असफल होने के बाद एक रात वे बिस्तर पर लेटे हुए सोच रहे थे कि दुनिया की इतनी पिचों पर शतक लगा चुका हूँ, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में एक भी नहीं। उसी रात उन्होंने खुद से वादा किया था कि अगली बार जब एशेज़ के लिए ऑस्ट्रेलिया आऊँगा, तो बिना शतक लगाए वापस नहीं जाऊँगा।
रूट ने स्वीकार किया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने मानसिक तैयारी भी की, और इसमें भारतीय स्टार विराट कोहली की महत्वपूर्ण भूमिका रही। रूट के मुताबिक उन्होंने कोहली को फोन कर पूछा कि ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट शतक कैसे बनता है। कोहली ने उन्हें बेहद स्पष्ट, सरल और प्रभावी बातें समझाईं—उन सुझावों ने उनके आत्मविश्वास को इतना बढ़ा दिया कि रूट को लगा अब कोई भी चुनौती उन्हें रोक नहीं सकती।
और आज, वही वादा, वही मेहनत और वही प्रेरणा इस ऐतिहासिक शतक की शक्ल में सामने आई है। रूट ने मुस्कुराते हुए कहा कि यह सिर्फ एक रन-स्कोर नहीं, बल्कि वर्षों की प्रतीक्षा, संघर्ष, सीख और आत्मविश्वास का जश्न है। अंत में उन्होंने कहा—“आज मैंने वह कर दिखाया जो हमेशा मेरे दिल में चुभता रहा था। यह शतक मेरे लिए सिर्फ शतक नहीं, एक राहत है। Cheers.”




