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6 दिन बाद अयातुल्लाह खामेनेई के निधन पर भारत ने जताया शोक, लेकिन PM की ओर से नहीं आया कोई सार्वजनिक बयान

एबीसी नेशनल न्यूज़ | नई दिल्ली | 5 मार्च 2026

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन के छह दिन बाद भारत ने आधिकारिक रूप से शोक व्यक्त किया है। गुरुवार को भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री नई दिल्ली स्थित ईरान के दूतावास पहुंचे और वहां रखी श्रद्धांजलि पुस्तिका में हस्ताक्षर कर भारत सरकार और देश की जनता की ओर से संवेदना प्रकट की।

विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, विदेश सचिव ने ईरान के राजदूत से मुलाकात कर इस कठिन समय में ईरान की सरकार और वहां की जनता के प्रति भारत की गहरी सहानुभूति व्यक्त की। श्रद्धांजलि संदेश में अयातुल्लाह खामेनेई के निधन को ईरान के लिए बड़ी क्षति बताया गया और कहा गया कि उन्होंने लंबे समय तक अपने देश की राजनीति और नीतियों को दिशा दी।

हालांकि इस घटनाक्रम के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से अब तक कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। कूटनीतिक हलकों में इस बात पर भी चर्चा हो रही है कि भारत ने औपचारिक रूप से अपनी संवेदना तो व्यक्त की है, लेकिन शीर्ष राजनीतिक स्तर से प्रतिक्रिया का इंतजार बना हुआ है।

अयातुल्लाह अली खामेनेई वर्ष 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता के पद पर आसीन थे और तीन दशकों से अधिक समय तक उन्होंने देश की राजनीतिक और धार्मिक व्यवस्था में अहम भूमिका निभाई। पश्चिम एशिया की राजनीति और क्षेत्रीय संतुलन पर भी उनका व्यापक प्रभाव माना जाता रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि उनके निधन के बाद ईरान की आंतरिक सत्ता संरचना और पश्चिम एशिया की कूटनीतिक स्थिति में नए समीकरण उभर सकते हैं। भारत और ईरान के बीच ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग के लंबे संबंध रहे हैं। ऐसे में भारत द्वारा व्यक्त की गई संवेदना को दोनों देशों के पारंपरिक रिश्तों की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है।

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