राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | चेन्नई / नई दिल्ली | 4 जून 2026
INDIA गठबंधन को बड़ा झटका देते हुए द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने 8 जून को नई दिल्ली में होने वाली गठबंधन की बैठक का बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है। DMK ने इस फैसले के पीछे तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस द्वारा किए गए कथित “विश्वासघात” को वजह बताया है।
DMK ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाएं कांग्रेस के रवैये से गहराई से आहत हैं। पार्टी का आरोप है कि चुनाव में DMK के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन (SPA) के हिस्से के रूप में पांच सीटें जीतने वाली कांग्रेस ने चुनाव परिणामों के बाद एकतरफा तरीके से DMK से नाता तोड़ लिया और विजय की अगुवाई वाले गठबंधन की सरकार में शामिल हो गई।
पार्टी ने कहा कि यह केवल राजनीतिक निर्णय नहीं बल्कि गठबंधन धर्म और जनता के जनादेश के साथ विश्वासघात है। DMK नेतृत्व का मानना है कि जिस पार्टी ने चुनाव DMK के साथ मिलकर लड़ा, उसका सत्ता गठन के समय विरोधी खेमे में शामिल हो जाना राजनीतिक नैतिकता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
DMK के इस फैसले को INDIA गठबंधन के लिए एक बड़े राजनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है। विपक्षी एकता के मंच के रूप में बने INDIA गठबंधन के भीतर पहले से मौजूद मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। तमिलनाडु में कांग्रेस और DMK के रिश्तों में आई यह कड़वाहट राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी राजनीति को भी प्रभावित कर सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि DMK का बैठक से दूरी बनाना केवल एक सांकेतिक विरोध नहीं है, बल्कि कांग्रेस नेतृत्व को स्पष्ट संदेश भी है कि क्षेत्रीय दल अब अपने सम्मान और राजनीतिक हितों से समझौता करने के मूड में नहीं हैं।
अब सभी की निगाहें 8 जून को होने वाली INDIA गठबंधन की बैठक पर टिकी हैं, जहां DMK की गैरमौजूदगी विपक्षी एकजुटता पर नए सवाल खड़े कर सकती है। विपक्षी राजनीति के इस नए घटनाक्रम ने 2029 की राष्ट्रीय राजनीति से पहले गठबंधन की मजबूती और भविष्य को लेकर बहस तेज कर दी है।




