मौसम / राष्ट्रीय | अवधेश झा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 17 मई 2026
देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। जहां उत्तर भारत भीषण गर्मी से जूझ रहा है, वहीं दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। भारतीय मौसम विभाग यानी IMD ने अगले सात दिनों के लिए कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने खास तौर पर पूर्वोत्तर भारत के छह राज्यों को लेकर गंभीर चेतावनी दी है।
IMD के मुताबिक 17 से 23 मई के बीच नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, असम और मेघालय में लगातार भारी बारिश हो सकती है। कई इलाकों में तेज आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि कुछ संवेदनशील इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं।
पूर्वोत्तर राज्यों के अलावा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।
दक्षिण भारत में भी मानसूनी गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। IMD के अनुसार तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे और लक्षद्वीप में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। आंध्र प्रदेश और रायलसीमा क्षेत्र में भी मौसम बदलने के संकेत मिल रहे हैं।
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भी मौसम खराब रहने वाला है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। खास तौर पर उत्तराखंड और हिमाचल के कई इलाकों में 20 मई के बाद मौसम और ज्यादा सक्रिय हो सकता है।
मध्य भारत में भी गर्मी के बीच राहत भरी बारिश देखने को मिल सकती है। मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्री-मानसून गतिविधियों के कारण देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बदलते मौसम और अत्यधिक वर्षा की घटनाएं जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव का संकेत भी हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जा रही है।
IMD ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिजली गिरने, तेज हवाओं और जलभराव वाले इलाकों से सतर्क रहें। प्रशासन को भी संभावित आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।




