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नादानी या अज्ञानता? अपनी ही पार्टी की सरकार पर बरसीं रेखा गुप्ता

बिहार चुनावी रण में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऐसा बयान दे दिया जिसने NDA खेमे में खलबली मचा दी है। मुज़फ़्फरपुर की रैली में रेखा गुप्ता ने सवाल उठाया — “बीस साल से बिहार में एनडीए की सरकार है, फिर भी नौजवान रोज़गार के लिए दिल्ली, पंजाब और मुंबई क्यों भटक रहा है? आखिर बिहार पिछड़ा क्यों रह गया?”

यह बयान सुनते ही सियासी गलियारों में चर्चा शुरू हो गई — क्या रेखा गुप्ता ने जोश में अपनी ही पार्टी की पोल खोल दी? उन्होंने कहा कि “पिछली सरकारों ने सिर्फ़ अपने परिवारों का भला किया, गरीबों का नहीं। महल सजते रहे, मगर गाँवों में अंधेरा छाया रहा। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार के नाम पर सिर्फ़ झूठे वादे किए गए।”

गुप्ता ने आगे कहा — “बिहार का नौजवान मेहनती है, लेकिन उसे अपने ही राज्य में अवसर नहीं मिला। दो दशक की सत्ता के बाद भी यहाँ का युवा मज़दूरी करने देशभर में भटकने को मजबूर है। जवाब देना होगा उस सरकार को जिसने बिहार को पलायन की भूमि बना दिया।”

रेखा गुप्ता का यह बयान विपक्ष के लिए हथियार बन गया है। महागठबंधन ने इसे “एनडीए की नाकामी का खुला सबूत” बताया, जबकि खुद एनडीए के नेता असहज नज़र आ रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषक कह रहे हैं कि रेखा गुप्ता ने अनजाने में ही सही, “NDA की बिहार रिपोर्ट कार्ड” जनता के सामने रख दी है। अब सवाल यह है —क्या यह नादानी थी, या जनता के मन की बात जो माइक पर फूट पड़ी?

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