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अगर इस तरह गिरफ्तारी शुरू हुई तो लोकतंत्र खतरे में पड़ेगा — पवन खेड़ा केस में हाईकोर्ट में सिंघवी की जोरदार दलील

कानूनी/राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | हैदराबाद | 9 अप्रैल 2026

Pawan Khera की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान Telangana High Court में आज तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस नेता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता Abhishek Manu Singhvi ने अदालत में कहा कि अगर इस तरह लोगों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया गया, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन जाएगा।

सिंघवी ने दलील दी कि यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा है और किसी बयान को आधार बनाकर इस प्रकार की कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने कोर्ट से कहा कि गिरफ्तारी का इस्तेमाल दमन के औजार के रूप में नहीं होना चाहिए। उनका कहना था कि कानून का उद्देश्य न्याय सुनिश्चित करना है, न कि राजनीतिक प्रतिशोध को बढ़ावा देना।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से भी कड़ा पक्ष रखा गया। सरकारी वकील ने कहा कि मामले में दर्ज आरोप गंभीर हैं और जांच प्रक्रिया को प्रभावित होने से बचाने के लिए अग्रिम जमानत देना उचित नहीं होगा। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है, चाहे वह कोई आम नागरिक हो या सार्वजनिक जीवन से जुड़ा व्यक्ति।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद Telangana High Court ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब सभी की नजरें कोर्ट के अंतिम आदेश पर टिकी हैं, जो इस मामले में आगे की कानूनी दिशा तय करेगा।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, राजनीतिक बयानबाजी और कानूनी कार्रवाई के बीच संतुलन को लेकर लगातार बहस जारी है। अदालत का फैसला न सिर्फ Pawan Khera के लिए बल्कि भविष्य में ऐसे मामलों के लिए भी एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।

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