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घुसपैठियों की पहचान करें, हर जिले में डिटेंशन सेंटर बनाएं… — Yogi Adityanath का जिलाधिकारियों को फरमान

अनिल यादव | लखनऊ 22 नवंबर 2025

Uttar Pradesh के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत राज्य में मौजूद अवैध प्रवासियों-घुसपैठियों की पहचान करें और प्रत्येक जिले में अस्थायी डिटेंशन सेंटर स्थापित करें। राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इन केंद्रों में विदेशी नागरिकता वाले अवैध रूप से रह रहे लोगों को रखा जाएगा, जब तक उनका सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। 

इस निर्देश के तहत प्रत्येक जिलाधिकारी को अपने-अपने जिले में अवैध प्रवासियों की सूची तैयार करने के साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा कि स्थानीय प्रशासन उनकी गतिविधियों-परिस्थितियों पर नियमित निगरानी रखे। मुख्यमंत्री ने बयान में स्पष्ट किया है कि “कानून-व्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक सामंजस्य” विषय पर किसी तरह की समझौता नहीं किया जाएगा। इस प्रक्रिया में पकड़े गए अवैध प्रवासियों को जांच-प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके मूल देश में प्रत्यर्पित किया जाएगा। 

विश्लेषकों के अनुसार यह कदम सिर्फ प्रवासन-नियंत्रण का नहीं, बल्कि आगामी स्थानीय और विधानसभा चुनावों के पृष्ठभूमि में मतदान सूची-सुधार और मतदाता आधार-साफ-सफाई से जुड़ा एक रणनीतिक निर्णय भी माना जा रहा है। इस तरह सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि “घुसपैठियों” के रूप में चिन्हित लोग राज्य-समय में राजनीतिक, सामाजिक या वैधानिक गतिविधियों में सक्रिय न हो सकें। विरोधी दलों ने इस फैसले को विवादित बताया है और कहा है कि इससे धर्म-आधारित या जाति-आधारित भेदभाव बढ़ने का खतरा है।

इस पूरे अभियान-रूपरेखा में अब यह देखा जाना बाकी है कि डिटेंशन सेंटर कब तक बनते हैं, कितने प्रवासियों को वहां रखा जाता है, और क्या उन्हें कानूनी एवं मानवाधिकार-मानदंडों के अन्तर्गत पर्याप्त सुरक्षा एवं समीक्षा मिलती है। साथ ही यह भी सवाल है कि इसका सामाजिक व राजनीतिक प्रभाव क्या होगा — क्या यह अभियान कानूनी रूप से टिकेगा और क्या इससे राज्य में सामाजिक समरसता बनी रहेगी या विभाजन गहरा होगा।

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