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होर्मुज संकट गहराया: चीनी तेल टैंकर पर हमले के बाद चीन की बड़ी अपील, कहा— समुद्री रास्ता तुरंत खोला जाए

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | बीजिंग | 9 मई 2026

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को लेकर संकट और गहरा गया है। चीनी स्वामित्व वाले एक तेल टैंकर पर हमले की खबर सामने आने के बाद चीन ने क्षेत्रीय देशों से तत्काल हस्तक्षेप कर समुद्री मार्ग को सुरक्षित और सामान्य बनाने की अपील की है। बीजिंग ने साफ कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों और हजारों नाविकों की सुरक्षा अब पूरी दुनिया की चिंता बन चुकी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले एक चीनी स्वामित्व वाले ऑयल और केमिकल टैंकर पर सोमवार को हमला हुआ। जहाज पर चीनी क्रू सदस्य मौजूद थे, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। बताया जा रहा है कि जहाज के डेक पर आग लग गई थी और आसपास के जहाजों को इमरजेंसी अलर्ट भेजा गया था।

यह हमला ऐसे समय हुआ जब चीन के विदेश मंत्री वांग यी और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच बीजिंग में अहम बैठक हुई। इस बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा सुरक्षित तरीके से खोलने और समुद्री यातायात बहाल करने पर चर्चा हुई। चीन लंबे समय से ईरानी तेल का बड़ा खरीदार रहा है और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव का सीधा असर उसकी ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।

भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने चीन के विदेश मंत्रालय का बयान साझा करते हुए कहा कि क्षेत्रीय देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के हित में यही है कि होर्मुज से बिना रुकावट जहाजों की आवाजाही फिर शुरू हो और नागरिक जहाजों व उनके कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। चीन ने “स्थिति को और खराब होने से रोकने के लिए ठोस कदम” उठाने की मांग की है।

उधर अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी लड़ाकू विमानों द्वारा ईरानी जहाजों पर कार्रवाई और उसके जवाब में ईरान की मिसाइल एवं ड्रोन गतिविधियों ने पूरे खाड़ी क्षेत्र को युद्ध जैसे माहौल में धकेल दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस संघर्ष की वजह से करीब 20 हजार नाविक और सैकड़ों जहाज खाड़ी क्षेत्र में फंस गए हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि वॉशिंगटन ईरान के जवाब का इंतजार कर रहा है और यदि बातचीत आगे नहीं बढ़ी तो सैन्य कार्रवाई दोबारा तेज हो सकती है। ट्रंप ने “प्रोजेक्ट फ्रीडम” नामक समुद्री सुरक्षा अभियान को फिर से शुरू करने के संकेत भी दिए हैं, जिसका उद्देश्य होर्मुज के रास्ते अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में संकट गहराने का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल व्यापार इसी रास्ते से गुजरता है। अगर यह मार्ग लंबे समय तक बाधित रहा तो कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, वैश्विक सप्लाई चेन पर असर और ऊर्जा संकट जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं।

फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका, ईरान और चीन के अगले कदम पर टिकी हुई है, क्योंकि होर्मुज में बढ़ता तनाव अब केवल क्षेत्रीय संघर्ष नहीं बल्कि वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक चुनौती बनता जा रहा है।

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