अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | तेहरान/वाशिंगटन | 12 जुलाई 2026
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य टकराव एक बार फिर पूरे पश्चिम एशिया को युद्ध की आग में झोंकता दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान और सऊदी अरब ने हालिया घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यह संघर्ष क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बन गया है। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने टेलीफोन पर बातचीत कर तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर बल दिया।
इस बीच ईरान ने एक बार फिर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा कर दी है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया कि उसने निर्धारित समुद्री मार्ग का पालन नहीं करने वाले दूसरे जहाज़ को भी निशाना बनाया। जवाब में अमेरिका ने कहा कि उसने इस सप्ताह ईरान के करीब 140 सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार इन हमलों में मिसाइल और ड्रोन ठिकाने, नौसैनिक अड्डे, हथियार भंडार, संचार नेटवर्क और तटीय निगरानी केंद्रों को निशाना बनाया गया।
खाड़ी क्षेत्र में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। कुवैत ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए हैं। संयुक्त अरब अमीरात ने संभावित मिसाइल और ड्रोन हमलों को लेकर सार्वजनिक चेतावनी जारी की है, जबकि जॉर्डन ने अपने क्षेत्र में ईरान से दागी गई तीन मिसाइलें गिरने की पुष्टि की है। ओमान के तट के पास एक क्षतिग्रस्त जहाज़ के चालक दल को भी जहाज़ छोड़कर लाइफबोट में शरण लेनी पड़ी।
तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। ओमान और ईरान ने हॉर्मुज़ में समुद्री जहाज़ों की सुरक्षा को लेकर बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है। वहीं अमेरिका ने लेबनान में सैन्य प्रतिनिधिमंडल भेजकर दक्षिणी क्षेत्र से इज़रायली सैनिकों की चरणबद्ध वापसी और सुरक्षा व्यवस्था के क्रियान्वयन पर चर्चा शुरू कर दी है। लगातार बढ़ते सैन्य घटनाक्रमों के बीच पूरे पश्चिम एशिया में बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका और गहरा गई है।




