स्पोर्ट्स | ABC NATIONAL NEWS | 12 जुलाई 2026
फीफा विश्व कप 2026 में पहली बार ऐसा हुआ है जब फीफा रैंकिंग की शीर्ष चार टीमें—स्पेन (1), अर्जेंटीना (2), फ्रांस (3) और इंग्लैंड (4)—सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस उपलब्धि के पीछे टीमों के प्रदर्शन के साथ-साथ फीफा के नए ड्रॉ नियम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
48 टीमों वाले नए विश्व कप प्रारूप को देखते हुए फीफा ने इस बार ड्रॉ सिस्टम में बदलाव किया था। नए नियम के तहत दुनिया की शीर्ष चार रैंक वाली टीमों को अलग-अलग क्वाड्रेंट में रखा गया, ताकि वे सेमीफाइनल से पहले एक-दूसरे के खिलाफ न खेलें। इसके लिए जरूरी था कि सभी टीमें अपने-अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान पर रहें, और चारों ने यह लक्ष्य हासिल कर लिया।
इस व्यवस्था के कारण स्पेन और अर्जेंटीना फाइनल से पहले आमने-सामने नहीं आ सकते थे, जबकि इंग्लैंड और फ्रांस को भी नॉकआउट चरण में अलग-अलग हिस्सों में रखा गया। नतीजतन अब सेमीफाइनल में फ्रांस का मुकाबला स्पेन से होगा, जबकि इंग्लैंड का सामना अर्जेंटीना से होगा।
फीफा ने इस बदलाव को “प्रतिस्पर्धात्मक संतुलन” बनाए रखने और बड़े मुकाबलों को टूर्नामेंट के अंतिम चरण तक सुरक्षित रखने की रणनीति बताया था। इससे पहले 32 टीमों वाले विश्व कप में ऐसी व्यवस्था की आवश्यकता कम महसूस होती थी, लेकिन 48 टीमों और अतिरिक्त नॉकआउट राउंड के कारण शीर्ष टीमों की शुरुआती टक्कर की संभावना काफी बढ़ गई थी।
फुटबॉल विश्लेषकों का कहना है कि इस बदलाव से विश्व कप के अंतिम चरण में बड़े और रोमांचक मुकाबले सुनिश्चित हुए हैं। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ड्रॉ की स्वाभाविक अनिश्चितता कुछ हद तक कम हुई है, जबकि समर्थकों का तर्क है कि इससे सर्वश्रेष्ठ टीमों के बीच उच्च स्तरीय मुकाबले देखने का अवसर मिलता है।
फीफा रैंकिंग प्रणाली 1994 से लागू है, लेकिन अब तक कभी भी शीर्ष चारों रैंक वाली टीमें एक साथ विश्व कप के सेमीफाइनल तक नहीं पहुंची थीं। इस लिहाज से 2026 विश्व कप ने एक नया इतिहास रच दिया है।




