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हिमंता बिस्वा सरमा देश का सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री, कानून से नहीं बच पाएगा : राहुल गांधी

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राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 13 अप्रैल 2026

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर लगातार बढ़ते विवाद के बीच एक बार फिर से जमकर निशाना साधा है। राहुल ने सरमा को देश का सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री करार देते हुए साफ कहा है कि वे राज्य की सत्ता का खुलेआम दुरुपयोग कर अपने राजनीतिक विरोधियों और आलोचकों को निशाना बना रहे हैं, जो सीधे-सीधे भारतीय संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा पर असम पुलिस की कार्रवाई को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। पवन खेड़ा ने हिमंता सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी भuyan सरमा पर विदेशी पासपोर्ट, दुबई में संपत्ति और विदेशी कंपनियों से जुड़े गंभीर आरोप लगाए थे, जिनकी जांच की मांग कांग्रेस लगातार कर रही है।

राहुल गांधी ने कहा कि जो सवाल उठाए जा रहे हैं उन्हें निष्पक्ष तरीके से जांचा जाना चाहिए क्योंकि सत्ता की पारदर्शिता, जवाबदेही और कानून का राज ही हमारे संवैधानिक मूल्यों की असली बुनियाद हैं। उन्होंने पवन खेड़ा के साथ कांग्रेस का पूरा समर्थन जताते हुए कहा कि पार्टी किसी भी दबाव या धमकी से नहीं डरने वाली है। राहुल का यह बयान असम में सियासी सरगर्मी को और बढ़ा रहा है, खासकर जब विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं और विपक्ष बीजेपी सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोपों से घेरने की पूरी कोशिश कर रहा है। कांग्रेस का कहना है कि पवन खेड़ा पर छापेमारी और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे राजनीतिक प्रतिशोध की मिसाल हैं, जबकि सत्ता पक्ष इसे महज कानूनी प्रक्रिया बता रहा है।

दूसरी ओर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इन आरोपों को पूरी तरह फर्जी और बेबुनियाद बताया है। सरमा का आरोप है कि पवन खेड़ा और कांग्रेस के लोग जानबूझकर उनके और उनकी पत्नी के खिलाफ झूठे दस्तावेज फैला रहे हैं, जो कथित तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से तैयार किए गए हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और कोई भी भ्रष्टाचार का आरोप बिना सबूत के नहीं चलेगा। इस पूरे मामले ने असम की राजनीति को दो खेमों में बांट दिया है, जहां एक तरफ कांग्रेस इसे लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई बता रही है तो दूसरी तरफ बीजेपी इसे विपक्ष की हताशा और चुनावी साजिश करार दे रही है।

पवन खेड़ा खुद इस पूरे प्रकरण के बीच अलग-अलग जगहों से वीडियो जारी कर जवाब दे रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि उनके पास ठोस सबूत हैं, जिन्हें वह जल्द ही सार्वजनिक करेंगे। कांग्रेस कार्यकर्ता इस मुद्दे पर सड़कों पर उतर आए हैं और हिमंता सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि यह विवाद आने वाले दिनों में और तीखा हो सकता है क्योंकि दोनों ही पार्टियां इसे अपने-अपने तरीके से चुनावी फायदे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही हैं। फिलहाल दोनों पक्ष अपने दावों पर अड़े हुए हैं और कोई स्वतंत्र एजेंसी द्वारा इन आरोपों की जांच अभी तक शुरू नहीं हुई है, जिसकी वजह से विवाद और गहराता जा रहा है।

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