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छात्रों के मुद्दे पर संसद में चर्चा को सरकार तैयार, अमित शाह देंगे जवाब

दो हफ्ते से जारी गतिरोध खत्म करने की कोशिश; सरकार ने विपक्ष से कहा—बहस के दौरान व्यवधान न डालें, विपक्ष दोनों मुद्दों पर चर्चा की मांग पर कायम

राष्ट्रीय/राजनीति/शिक्षा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 10 अगस्त 2026

संसद के मानसून सत्र में छात्रों के प्रदर्शन और 20 जुलाई को हुए पुलिस एक्शन को लेकर जारी गतिरोध खत्म करने की कोशिश तेज हो गई है। केंद्र सरकार ने सोमवार को विपक्ष को छात्रों के मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा कराने और गृह मंत्री अमित शाह के जवाब का प्रस्ताव दिया। सरकार का यह कदम करीब दो सप्ताह से संसद की कार्यवाही में जारी व्यवधान के बीच सामने आया है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में हुई बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से कहा कि सरकार छात्रों के आंदोलन और उससे जुड़े घटनाक्रम पर पूरी चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री अमित शाह चर्चा का जवाब देंगे।

अमित शाह के बयान की मांग पर सरकार का बड़ा प्रस्ताव

20 जुलाई को छात्रों के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार गृह मंत्री के सदन में बयान की मांग कर रहा था। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसे अपनी प्रमुख मांगों में शामिल किया था।

विपक्ष का आरोप है कि NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की। सरकार का कहना है कि अब इस पूरे मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जा सकती है।

रिजिजू ने विपक्ष से अपील की कि जब चर्चा और गृह मंत्री का जवाब हो तो सदन में व्यवधान पैदा न किया जाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष को गृह मंत्री और सरकार का जवाब सुनना चाहिए और इसके बाद मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होनी चाहिए।

विपक्ष अभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं

सरकार के प्रस्ताव के बावजूद विपक्ष में इसे लेकर पूरी सहमति नहीं बनी है। विपक्षी दलों का कहना है कि छात्रों के मुद्दे के साथ अयोध्या में कथित चंदा विवाद से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा होनी चाहिए।

कांग्रेस के मुख्य सचेतक गौरव गोगोई ने कहा कि विपक्ष ने दोनों मुद्दों को महत्वपूर्ण माना है और किसी एक मुद्दे को दूसरे के विकल्प के तौर पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

यानी सरकार जहां छात्रों के मुद्दे पर चर्चा को संसद के गतिरोध को खत्म करने का रास्ता मान रही है, वहीं विपक्ष दोनों मुद्दों पर चर्चा चाहता है।

दो सप्ताह से संसद में गतिरोध

मानसून सत्र की शुरुआत 20 जुलाई को हुई थी और उसी दिन छात्रों के मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई का मुद्दा सामने आया था। इसके बाद विपक्ष लगातार इस मामले को संसद में उठाता रहा है।

हंगामे और विरोध के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। हालांकि, इस दौरान कुछ विधेयक भी शोर-शराबे के बीच पारित हुए।

अब मानसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त होना है, इसलिए सरकार और विपक्ष दोनों के सामने गतिरोध खत्म करने का समय सीमित है।

छात्रों के मुद्दे पर अब सदन में आमने-सामने होंगे सरकार-विपक्ष

यदि सरकार के प्रस्ताव के अनुसार चर्चा होती है तो पहली बार इस पूरे विवाद पर संसद में गृह मंत्री का विस्तृत जवाब सामने आ सकता है। इससे पुलिस कार्रवाई, छात्रों के प्रदर्शन, NEET पेपर लीक और सरकार की ओर से उठाए गए कदमों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है।

फिलहाल बड़ा सवाल यही है कि क्या अमित शाह का सदन में जवाब विपक्ष को संतुष्ट कर पाएगा और क्या इससे दो सप्ताह से चला आ रहा संसद का गतिरोध खत्म होगा?

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