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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को ध्यान में रखकर रूस पर तेल प्रतिबंधों में दी गई छूट: मार्को रुबियो

अमेरिकी विदेश मंत्री बोले—भारत के साथ व्यापार समझौता अंतिम चरण में; ऊर्जा कीमतों और वैश्विक आपूर्ति का भी रखा गया ध्यान

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 19 अक्टूबर 2026

रूस से तेल खरीद को लेकर प्रतिबंधों में दी गई छूट के फैसले में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को भी ध्यान में रखा गया है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार को यह बात कही। उन्होंने बताया कि भारत के साथ व्यापार समझौता अंतिम चरण में है और दोनों देश इसे जल्द पूरा करने के करीब हैं।

रुबियो ने उज्बेकिस्तान में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि रूस पर प्रतिबंधों में छूट देने के फैसले लेते समय वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, कीमतों और दूसरे देशों पर पड़ने वाले प्रभावों को ध्यान में रखा गया है। उन्होंने भारत के साथ व्यापार समझौते को भी उन कारकों में शामिल बताया, जिन पर अमेरिका ने विचार किया।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में

मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहा है और दोनों पक्ष इसके काफी करीब हैं। उन्होंने संकेत दिया कि रूस से तेल खरीद पर प्रतिबंधों में छूट देने के फैसले पर विचार करते समय इस समझौते को भी ध्यान में रखा गया।

रुबियो के बयान से संकेत मिलता है कि ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार संबंधों से जुड़े मुद्दे अमेरिकी फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

वैश्विक ऊर्जा कीमतों का दिया हवाला

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में वैश्विक आपूर्ति और ऊर्जा की कीमतों को देखते हुए प्रतिबंधों में छूट देनी पड़ी है। उन्होंने माना कि अमेरिका में डीजल की कीमतें ऊंची हैं, लेकिन दुनिया के कई अन्य देशों में स्थिति इससे भी अधिक गंभीर है।

रुबियो के अनुसार, ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों तक पहुंच हर देश के लिए आसान नहीं है। प्रत्येक देश की परिस्थितियां अलग होती हैं और ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई पहलुओं पर विचार करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों से जुड़े फैसलों में दूसरे देशों पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभावों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

रूस पर प्रतिबंध और अमेरिकी नीति

रूस से तेल खरीद को लेकर प्रतिबंधों में छूट का मुद्दा ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका ने रूस और ईरान से संबंधित प्रतिबंधों के प्रस्तावित कानून Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026 पर आगे बढ़ने की प्रक्रिया रोकने की घोषणा की थी। खबर के अनुसार, अमेरिका ने रूस से डीजल खरीद का एक समझौता भी किया था।

इस घटनाक्रम के बीच रुबियो का बयान अमेरिकी ऊर्जा नीति और व्यापारिक हितों के बीच संबंधों को रेखांकित करता है।

जयशंकर से मुलाकात की तैयारी

मार्को रुबियो के 20 अक्टूबर को मुंबई पहुंचने की उम्मीद है, जहां उनकी विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बातचीत प्रस्तावित है। इस मुलाकात में भारत-अमेरिका संबंधों, व्यापार समझौते और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिशों के बीच रुबियो का बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, समझौते की अंतिम शर्तों और रूस से तेल खरीद पर प्रतिबंधों में छूट के भविष्य के प्रभावों को लेकर तस्वीर आगे की आधिकारिक घोषणाओं के बाद ही स्पष्ट होगी।

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