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वैभव सूर्यवंशी के लिए बाउंड्री पर 10 फील्डर लगाना भी काफी नहीं : सुनील गावस्कर

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स्पोर्ट्स | अमरनाथ प्रसाद | ABC NATIONAL NEWS | मुंबई | 29 अप्रैल 2026

आईपीएल 2026 में एक ऐसा नाम तेजी से उभरकर सामने आया है, जिसने न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता है बल्कि क्रिकेट के दिग्गजों को भी हैरान कर दिया है—Vaibhav Suryavanshi। इस युवा बल्लेबाज़ की बल्लेबाजी में इतनी आक्रामकता और आत्मविश्वास है कि हर मैच में वह गेंदबाजों पर हावी नजर आता है। उसकी पारी सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वह मैच का रुख ही बदल देता है। यही वजह है कि पूर्व भारतीय कप्तान Sunil Gavaskar ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि “अगर बाउंड्री पर 10 फील्डर भी लगा दिए जाएं, तब भी उसे रोकना मुश्किल है।” यह बयान सुनने में भले अतिशयोक्ति लगे, लेकिन मौजूदा प्रदर्शन को देखें तो इसमें सच्चाई साफ नजर आती है।

दरअसल, सूर्यवंशी की बल्लेबाजी पारंपरिक सोच को चुनौती देती है। आम तौर पर टी20 क्रिकेट में कप्तान बल्लेबाज के हिसाब से फील्डिंग सजाते हैं, लेकिन यहां मामला उल्टा हो गया है। सूर्यवंशी जिस तरह मैदान के हर कोने में शॉट खेलते हैं, उससे फील्डिंग का पूरा गणित ही बिगड़ जाता है। वह सिर्फ गैप ढूंढकर रन नहीं लेते, बल्कि ताकत और बेहतरीन टाइमिंग के दम पर गेंद को सीधे बाउंड्री के पार भेज देते हैं। यही कारण है कि विरोधी टीमों की रणनीति बार-बार नाकाम साबित हो रही है और कप्तानों के पास नए विकल्प भी कम पड़ते दिख रहे हैं।

इस सीजन में सूर्यवंशी का प्रदर्शन आंकड़ों में भी उतना ही दमदार है। उन्होंने 400 से ज्यादा रन बनाए हैं और करीब 238 के खतरनाक स्ट्राइक रेट के साथ बल्लेबाजी कर रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि उनका बल्लेबाजी औसत 44.44 है, जो लगातार अच्छी पारियों का संकेत देता है। यही नहीं, शानदार प्रदर्शन के दम पर वह इस समय ऑरेंज कैप की दौड़ में भी सबसे आगे हैं। यानी वह सिर्फ तेज रन ही नहीं बना रहे, बल्कि लगातार टीम के लिए बड़े स्कोर भी खड़े कर रहे हैं।

Sunil Gavaskar का मानना है कि सूर्यवंशी की ताकत सिर्फ उनके शॉट्स में नहीं, बल्कि उनकी समझ में भी है। वह गेंद को आखिरी क्षण तक देखते हैं और फिर सही समय पर हमला करते हैं। यही कारण है कि तेज गेंदबाजों से लेकर स्पिनरों तक, कोई भी उनके सामने पूरी तरह प्रभावी नहीं दिख रहा। कई बार तो अनुभवी गेंदबाज भी उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के दबाव में अपनी लाइन-लेंथ खो देते हैं।

आज के टी20 दौर में जहां 180 से 200 रन का स्कोर भी सुरक्षित नहीं माना जाता, वहां सूर्यवंशी जैसे बल्लेबाज किसी भी लक्ष्य को आसान बना देते हैं। अगर वह क्रीज पर टिक जाएं, तो मैच का रुख कुछ ही ओवरों में बदल जाता है। यही वजह है कि उनकी मौजूदगी ही विरोधी टीम के लिए खतरे की घंटी बन जाती है।

दिलचस्प बात यह भी है कि इतनी आक्रामक बल्लेबाजी के बावजूद सूर्यवंशी के खेल में घबराहट नहीं दिखती। वह पूरी शांति और आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी करते हैं और हालात के हिसाब से अपने शॉट्स चुनते हैं। कम उम्र में इस तरह की परिपक्वता उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है और यही संकेत देती है कि वह आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट का बड़ा नाम बन सकते हैं।

कुल मिलाकर, आईपीएल 2026 में Vaibhav Suryavanshi सिर्फ एक बल्लेबाज नहीं, बल्कि एक ऐसा तूफान बनकर उभरे हैं, जो हर मैच में नई कहानी लिख रहा है। और जब Sunil Gavaskar जैसे दिग्गज कहते हैं कि “10 फील्डर भी कम पड़ जाएंगे”, तो यह साफ हो जाता है कि यह खिलाड़ी सिर्फ रन नहीं बना रहा, बल्कि खेल की परिभाषा ही बदल रहा है।

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