राष्ट्रीय | विशेष संवाददाता | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 30 अप्रैल 2026
भारत और श्रीलंका के बीच समुद्री सहयोग को नई मजबूती मिली है। दोनों देशों की नौसेनाओं ने कोलंबो में 21 से 28 अप्रैल के बीच संयुक्त डाइविंग अभ्यास IN–SLN DIVEX 2026 का सफल आयोजन किया। यह इस अभ्यास का चौथा संस्करण था, जिसमें गहरे समुद्र में जटिल ऑपरेशनों पर विशेष ध्यान दिया गया। भारतीय नौसेना की ओर से इस अभ्यास में डाइविंग सपोर्ट और सबमरीन रेस्क्यू वेसल INS Nireekshak को तैनात किया गया, जबकि श्रीलंका नौसेना ने अपने विशेषज्ञ डाइविंग दलों को शामिल किया। दोनों देशों के गोताखोरों ने मिलकर कई तकनीकी और चुनौतीपूर्ण अभ्यास किए, जिससे उनकी आपसी समझ और तालमेल और बेहतर हुआ।
अभ्यास के दौरान खास तौर पर डीप-सी डाइविंग, मिक्स्ड गैस डाइविंग और अंडरवाटर ऑपरेशन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर फोकस किया गया। इन गतिविधियों का मकसद सिर्फ तकनीकी दक्षता बढ़ाना ही नहीं, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में तेजी से और प्रभावी तरीके से कार्रवाई करने की क्षमता विकसित करना भी था।
भारतीय नौसेना के अनुसार, इस तरह के संयुक्त अभ्यास दोनों देशों के बीच पेशेवर तालमेल को मजबूत करते हैं और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देते हैं। हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों के बीच ऐसे अभ्यासों का महत्व और भी बढ़ गया है।
भारत और श्रीलंका के बीच लंबे समय से मजबूत समुद्री संबंध रहे हैं। दोनों देश न सिर्फ व्यापारिक रूप से, बल्कि सुरक्षा के मोर्चे पर भी एक-दूसरे के सहयोगी रहे हैं। DIVEX 2026 जैसे अभ्यास इस रिश्ते को और गहरा करने का काम करते हैं।
इस संयुक्त अभ्यास ने यह साफ कर दिया है कि भारत और श्रीलंका भविष्य में भी समुद्री सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्र में साथ मिलकर काम करते रहेंगे। हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए दोनों देशों की यह साझेदारी बेहद अहम मानी जा रही है।




