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आरक्षण खत्म करना चाहती है बीजेपी? जयराम रमेश का बड़ा आरोप, संविधान बदलने की तैयारी का दावा

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 24 जून 2026

कांग्रेस ने एक बार फिर बीजेपी पर संविधान और आरक्षण को लेकर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया है कि बीजेपी का असली लक्ष्य लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर संविधान में बदलाव करना और अंततः आरक्षण व्यवस्था को समाप्त करना है।

एक साक्षात्कार में जयराम रमेश ने दावा किया कि बीजेपी महिला आरक्षण और परिसीमन (Delimitation) जैसे मुद्दों को आगे बढ़ाकर अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार पार्टी का अंतिम उद्देश्य संविधान में ऐसे बदलाव करना है, जिससे आरक्षण व्यवस्था पर असर पड़े।

जयराम रमेश ने कहा कि बीजेपी लगातार लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत पाने की रणनीति पर काम कर रही है। उनका आरोप है कि यह केवल चुनावी लक्ष्य नहीं, बल्कि एक बड़े राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि यदि बीजेपी को भविष्य में इतना बड़ा बहुमत मिल जाता है तो वह संविधान संशोधन के जरिए सामाजिक न्याय से जुड़े प्रावधानों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकती है।

कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दलों को तोड़ने और क्षेत्रीय पार्टियों में विभाजन कराने की राजनीति उसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष “तोड़-फोड़ की राजनीति” के जरिए अपने राजनीतिक विस्तार का रास्ता बना रहा है।

हालांकि बीजेपी और केंद्र सरकार लगातार यह कहती रही है कि संविधान और आरक्षण पूरी तरह सुरक्षित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता सार्वजनिक मंचों से यह दावा कर चुके हैं कि उनकी सरकार संविधान और आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने के बजाय उसे मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आरक्षण और संविधान का मुद्दा आने वाले चुनावों में भी प्रमुख राजनीतिक बहस का विषय बना रह सकता है। विपक्ष जहां इसे सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों से जोड़कर जनता के बीच ले जाना चाहता है, वहीं बीजेपी इसे विपक्ष द्वारा फैलाया जा रहा भ्रम बताती रही है।

कांग्रेस के इस ताजा आरोप के बाद एक बार फिर संविधान, आरक्षण और परिसीमन को लेकर राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में बीजेपी इस आरोप का किस तरह जवाब देती है और यह मुद्दा राजनीतिक विमर्श को किस दिशा में ले जाता है।

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