राष्ट्रीय | आलोक रंजन | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 24 जुलाई 2026
केंद्र सरकार के साथ होने वाली अहम बैठक से ठीक पहले Cockroach Janta Party (CJP) ने साफ कर दिया है कि उसकी मांगों में कोई बदलाव नहीं आया है। संगठन का कहना है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा आंदोलन की पहली और सबसे महत्वपूर्ण मांग है और इसके बिना जंतर-मंतर पर चल रहा धरना समाप्त नहीं होगा।
शुक्रवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में CJP प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ बैठक होनी है। इससे पहले जंतर-मंतर पर समर्थकों को संबोधित करते हुए CJP संस्थापक अभिजीत डिपके ने कहा कि सरकार से बातचीत तटस्थ स्थान पर हो रही है, लेकिन इससे संगठन के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।
उन्होंने कहा, “हम सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन हमारी मुख्य मांग धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, जंतर-मंतर पर हमारा शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।”
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक रोकने के लिए नया कानून लाने की घोषणा से संगठन के रुख पर कोई असर नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा कि “कैबिनेट जो भी फैसला ले, हमारी मांगें वही हैं और उनके पूरा होने तक आंदोलन जारी रहेगा।”
संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पहल से सरकार ने कुछ मुद्दों पर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उनके अनुसार, सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई नहीं करने और कथित आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। हालांकि उन्होंने कहा कि इन आश्वासनों का लिखित रूप अभी तक नहीं मिला है, इसलिए आंदोलन जारी रहेगा।
CJP ने अपनी प्रमुख मांगों में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द होने के बाद कथित रूप से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग दोहराई है।
सौरव दास ने बताया कि संगठन ने सरकार को तटस्थ स्थान पर बातचीत का प्रस्ताव इसलिए दिया क्योंकि मंत्रियों ने सुरक्षा कारणों से जंतर-मंतर आने में असुविधा जताई थी। इसके बाद दोनों पक्षों ने कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया को बैठक के लिए चुना।
उधर, गुरुवार देर रात दो महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक रोकने के लिए नया कानून लाने का ऐलान किया, जबकि सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद अपना 26 दिन का अनशन समाप्त कर दिया। वांगचुक ने कहा कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा, कथित आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया है।
हालांकि, CJP ने स्पष्ट कर दिया है कि वांगचुक के अनशन समाप्त करने और सरकार के आश्वासनों के बावजूद उसका आंदोलन जारी रहेगा। अब सभी की निगाहें दोपहर 12:30 बजे होने वाली सरकार और CJP की बैठक पर टिकी हैं, जिससे आंदोलन की आगे की दिशा तय हो सकती है।




