राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली/छत्रपति संभाजीनगर | 29 जुलाई 2026
Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक अभिजीत डिपके के पिता भगवानराव डिपके ने दावा किया है कि उनके बेटे को CJP की शुरुआत के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के लिए धमकियां मिली थीं। उनका आरोप है कि यदि अभिजीत भाजपा में शामिल नहीं हुए, तो उनके माता-पिता को परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और भाजपा की ओर से इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भगवानराव डिपके ने कहा कि मई के मध्य में उन्होंने यूट्यूब पर एक वीडियो देखा था, जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि यदि अभिजीत भाजपा में शामिल नहीं होते, तो उनके माता-पिता को निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिवार ने इन धमकियों को गंभीरता से लिया, लेकिन अभिजीत अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटे।
भगवानराव डिपके ने अपने बेटे की सराहना करते हुए कहा कि उसने अपना करियर और नौकरी छोड़कर देश के छात्रों के मुद्दों के लिए संघर्ष का रास्ता चुना। उनके अनुसार, अभिजीत ने अपनी शिक्षा का उपयोग निजी लाभ के बजाय सार्वजनिक हित के लिए किया।
करीब एक महीने तक दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद मार्च से जुड़े आंदोलन का नेतृत्व करने के बाद अभिजीत डिपके बुधवार को अपने गृह जिले लौटे। परिवार ने उनका स्वागत बेहद सादगी से किया। उनके पिता ने कहा कि अभिजीत को दिखावा या प्रचार पसंद नहीं है, इसलिए किसी बड़े कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया गया।
परिवार ने बताया कि अभिजीत हाल ही में टाइफाइड से पीड़ित पाए गए हैं, इसलिए उनके स्वास्थ्य को देखते हुए भी स्वागत समारोह सीमित रखा गया। घर पहुंचने के बाद अभिजीत ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज और डॉ. भीमराव आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की।
अभिजीत डिपके ने अपनी पढ़ाई छत्रपति संभाजीनगर और पुणे से पूरी करने के बाद अमेरिका के बोस्टन विश्वविद्यालय से जनसंपर्क (Public Relations) में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का दावा किया है। वह 2020 से 2023 के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के डिजिटल और सोशल मीडिया स्वयंसेवक भी रहे। इसके बाद उन्होंने CJP नाम से ऑनलाइन अभियान शुरू किया, जो बाद में देशव्यापी छात्र आंदोलन में बदल गया।
CJP ने NEET पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं और छात्र आत्महत्याओं को लेकर आंदोलन चलाया। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ, जिसके बाद कई छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज की गईं। CJP का कहना है कि सरकार ने 25 जुलाई को आंदोलन समाप्त कराने के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और आगे कोई कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक उस पर पूरी तरह अमल नहीं हुआ है।
अभिजीत डिपके ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस नहीं ली गईं और कथित उत्पीड़न जारी रहा, तो CJP फिर से देशव्यापी शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि छात्रों का गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है और केवल शिक्षा मंत्री का इस्तीफा पर्याप्त नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोशल मीडिया सक्रियता पर टिप्पणी करते हुए अभिजीत डिपके ने तंज कसते हुए कहा कि वह एक अच्छे “इन्फ्लुएंसर” साबित हो सकते हैं, लेकिन देश चलाने की जिम्मेदारी किसी और को संभालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की आवाज सुननी चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक सुधार करना चाहिए।
फिलहाल अभिजीत डिपके के पिता द्वारा लगाए गए धमकियों के आरोपों पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं CJP और केंद्र सरकार के बीच छात्रों पर दर्ज मामलों, कथित उत्पीड़न और आंदोलन के दौरान दिए गए आश्वासनों को लेकर विवाद जारी है।




