राष्ट्रीय/ छत्तीसगढ़/ टेक्नोलॉजी | ABC NATIONAL NEWS | रायपुर | 16 जुलाई 2026
देशभर में E20 (20% इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल को लेकर जारी बहस के बीच छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक अहम फैसला सामने आया है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक कार मालिक की शिकायत पर मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड को 45 दिनों के भीतर उसी मॉडल की नई E20 ईंधन अनुकूल कार उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। यदि कंपनी ऐसा नहीं करती है, तो उसे वाहन की कीमत सहित 20,50,494 रुपये का भुगतान करना होगा।
आयोग ने कंपनी को मानसिक प्रताड़ना के लिए 1 लाख रुपये और मुकदमे के खर्च के रूप में 10 हजार रुपये अलग से देने का भी निर्देश दिया है।
शिकायतकर्ता का आरोप था कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद उनकी कार में गंभीर तकनीकी खराबियां आ गईं, जिससे वाहन की कार्यक्षमता प्रभावित हुई। मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया।
यह निर्णय ऐसे समय आया है, जब देश में इथेनॉल मिश्रित ईंधन के प्रभाव को लेकर लगातार बहस चल रही है। कई उपभोक्ता संगठनों और वाहन मालिकों ने पुराने वाहनों पर E20 पेट्रोल के संभावित प्रभाव को लेकर चिंता जताई है, जबकि सरकार इसे आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने और हरित ईंधन को बढ़ावा देने की नीति का अहम हिस्सा मानती है।
हालांकि, यह आदेश इस विशेष मामले के तथ्यों और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर दिया गया है। इसे सभी E20 वाहनों या सभी उपभोक्ताओं पर लागू होने वाला सामान्य निर्णय नहीं माना जाएगा।
इस फैसले के बाद E20 पेट्रोल की अनुकूलता, वाहन निर्माताओं की जिम्मेदारी और उपभोक्ता अधिकारों को लेकर बहस और तेज होने की संभावना है।




