शिक्षा / अपराध | अवधेश झा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 18 मई 2026
देशभर में चर्चा का विषय बने NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ा अभियान चलाते हुए अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारियां दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर सहित कई शहरों से की गई हैं। जांच एजेंसी ने पिछले 24 घंटों के दौरान पांच अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
CBI की जांच में अब कोचिंग नेटवर्क और संगठित परीक्षा माफिया की भूमिका भी सामने आने लगी है। एजेंसी ने RCC Coaching Institute के मालिक प्रोफेसर शिवराज मोटेगांवकर को भी गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों को शक है कि पेपर लीक रैकेट में कुछ कोचिंग संस्थानों और बिचौलियों की मिलीभगत से प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले चुनिंदा छात्रों तक पहुंचाया गया।
सूत्रों के मुताबिक CBI को छापेमारी के दौरान कई डिजिटल सबूत मिले हैं, जिनमें चैट रिकॉर्ड, संदिग्ध ट्रांजैक्शन और छात्रों की सूची शामिल बताई जा रही है। एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक का नेटवर्क कितने राज्यों तक फैला हुआ था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या परीक्षा संचालन से जुड़े कुछ लोग भी इस साजिश का हिस्सा थे।
NEET परीक्षा देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, जिसमें हर साल लाखों छात्र शामिल होते हैं। पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। कई छात्र संगठनों ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
CBI की कार्रवाई के बाद केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर भी दबाव बढ़ गया है। विपक्षी दल लगातार आरोप लगा रहे हैं कि परीक्षा प्रणाली में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और लापरवाही मौजूद है। वहीं सरकार का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
जांच एजेंसी अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे तथा नई गिरफ्तारियां हो सकती हैं।



