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उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने से आपदा

23 मई को उत्तरकाशी जिले में रुद्रगैरा ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा टूट गया, जिससे भयंकर बाढ़ और भूस्खलन हुआ। 18 ट्रेकर्स की जान गई और दर्जनों ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया। आपदा राहत बल और ITBP ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान चलाया। सरकार ने आपातकालीन सहायता की घोषणा की।

सौर तूफ़ान संकट: geomagnetic स्टॉर्म

11 मई को एक बहुत शक्तिशाली सौर तूफ़ान (X‑class फ्लेयर) ने वैश्विक संचार और GPS नेटवर्क प्रभावित किया। Dst इंडेक्स -412 nT तक गिरा, जो 2003 के बाद का सबसे भ्रष्टावन घटना माना गया । ISRO समेत ग्लोबल एजेंसियों ने सतर्कता जारी रखी।

पश्चिम बंगाल में तेज आंधी से भारी नुकसान

4 अप्रैल की रात पश्चिम बंगाल के कई जिलों—कोलकाता, हुगली, हावड़ा और बर्दवान—में तेज़ आंधी और बारिश ने तबाही मचाई। 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आई हवाओं ने कई पेड़ों और बिजली के खंभों को उखाड़ दिया, जिससे यातायात और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कई मकानों की छतें उड़ गईं और तीन

COP28 सम्मेलन और भारत की जलवायु पहल

2 दिसंबर से दुबई में COP28 जलवायु सम्मेलन शुरू हुआ, जिसमें भारत ने 2070 तक Net‑Zero Carbon, ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, और वन संरक्षण की वैश्विक प्रतिबद्धता दोहराई। भारत ने Loss & Damage फंड के लिए भी स्पष्ट समर्थन जताया। इससे विश्व समुदाय में भारत की ग्रीन लेडरशिप को मजबूती मिली।

Cyclone Mocha का पूर्वोत्तर पर प्रकोप

14 मई 2023 को बंगाल की खाड़ी से निकले मजबूत चक्रवात Mocha ने असम, अरुणाचल प्रदेश और मिज़ोरम में भारी तबाही मचाई—तेज़ हवाओं और बाढ़ से हजारों मकान क्षतिग्रस्त हुए। एनडीआरएफ और राज्य आपदा प्रबंधन दलों ने राहत एवं पुनर्वास अभियान चलाया। करीब 3,500 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। यह घटना दक्षिण और

बेंगलुरु बारिश और बाढ़ संकट
abcnationalnews

बेंगलुरु बारिश और बाढ़ संकट

सितंबर के पहले सप्ताह में बेंगलुरु में भारी बारिश हुई, जिससे शहर के आईटी कोर और रिहायशी इलाकों में जलजमाव हो गया। लगभग 2,000 करोड़ का नुकसान हुआ और लाखों लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इस घटना ने शहरी नियोजन, अतिक्रमण और जलनिकासी तंत्र की कमजोरियों को उजागर किया। हाईटेक सिटी कही जाने वाली

चक्रवात ‘यास’ और ‘ताउते’ का तांडव

2021 में भारत ने दो विनाशकारी चक्रवातों का सामना किया—’ताउते’ (पश्चिमी तट) और ‘यास’ (पूर्वी तट)। ‘ताउते’ ने गुजरात और महाराष्ट्र में भारी तबाही मचाई, जबकि ‘यास’ ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, हजारों घर तबाह हुए। भारी वर्षा, तेज हवाओं और समुद्री