चक्रवात ‘वरुण’ का दक्षिण भारत पर असर
30 मई को बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात ‘वरुण’ ने तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई। IMD ने रेड
30 मई को बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात ‘वरुण’ ने तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई। IMD ने रेड
23 मई को उत्तरकाशी जिले में रुद्रगैरा ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा टूट गया, जिससे भयंकर बाढ़ और भूस्खलन हुआ। 18 ट्रेकर्स की जान गई
11 मई को एक बहुत शक्तिशाली सौर तूफ़ान (X‑class फ्लेयर) ने वैश्विक संचार और GPS नेटवर्क प्रभावित किया। Dst इंडेक्स -412 nT तक गिरा, जो
4 अप्रैल की रात पश्चिम बंगाल के कई जिलों—कोलकाता, हुगली, हावड़ा और बर्दवान—में तेज़ आंधी और बारिश ने तबाही मचाई। 70 किलोमीटर प्रति घंटे की
2 दिसंबर से दुबई में COP28 जलवायु सम्मेलन शुरू हुआ, जिसमें भारत ने 2070 तक Net‑Zero Carbon, ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, और वन संरक्षण की वैश्विक
14 मई 2023 को बंगाल की खाड़ी से निकले मजबूत चक्रवात Mocha ने असम, अरुणाचल प्रदेश और मिज़ोरम में भारी तबाही मचाई—तेज़ हवाओं और बाढ़

सितंबर के पहले सप्ताह में बेंगलुरु में भारी बारिश हुई, जिससे शहर के आईटी कोर और रिहायशी इलाकों में जलजमाव हो गया। लगभग 2,000 करोड़
2021 में भारत ने दो विनाशकारी चक्रवातों का सामना किया—’ताउते’ (पश्चिमी तट) और ‘यास’ (पूर्वी तट)। ‘ताउते’ ने गुजरात और महाराष्ट्र में भारी तबाही मचाई,