आस्था की आज़ादी बनाम कट्टरता की दीवार : निजी आस्था पर जनमत क्यों?
अवधेश झा | नई दिल्ली कभी-कभी किसी व्यक्ति का निजी कथन भी सामूहिक असहिष्णुता का दर्पण बन जाता है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार JD Vance ने हाल ही में एक साधारण-सी व्यक्तिगत बात कही — कि वे “उम्मीद करते हैं उनकी पत्नी एक दिन ईसाई धर्म अपनाएंगी।” यह बयान सुनते ही मानो आग









