
5 साल के निचले स्तर पर अर्थव्यवस्था: कारखाने हैं, लेकिन नौकरियां और मांग कहां हैं?
अर्थशास्त्री प्रो शिवाजी सरकार का यह लेख भारत की अर्थव्यवस्था की उस चुनौती को सामने रखता है जहां GDP और निर्माण गतिविधियां बढ़ने के बावजूद नौकरियां, मजदूरी और घरेलू मांग अपेक्षित गति से नहीं बढ़ रही हैं। कमजोर मैन्युफैक्चरिंग, सुस्त सेवाएं, महंगा कर्ज और लॉजिस्टिक्स तथा R&D की कमी के बीच जरूरत है ऐसी नीति की जो उत्पादन के साथ रोजगार, आय और मांग भी बढ़ाए—क्योंकि असली विकास वही है जिसका असर आम आदमी की जेब और जिंदगी में दिखाई दे।








