
90,000 सैनिक, 15 महीने और पाकिस्तान का डर
1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध ने सिर्फ दक्षिण एशिया का भूगोल नहीं बदला, पाकिस्तान की सैन्य, कूटनीतिक और नैरेटिव राजनीति की भी असली तस्वीर दुनिया के सामने रख दी। 16 दिसंबर 1971 को ढाका में पाकिस्तानी सेना के लेफ्टिनेंट जनरल ए.ए.के. नियाज़ी द्वारा आत्मसमर्पण के साथ ही करीब 90,000 पाकिस्तानी सैनिक भारत के युद्धबंदी (POWs) बन









