पूर्वोत्तर भारत के जैव विविधता हॉटस्पॉट पर जल विद्युत परियोजनाओं की मार
पूर्वोत्तर भारत को भारत का ‘ग्रीन गहना’ कहा जाता है, लेकिन यह गहना अब संकट में है। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, और मणिपुर में कई जल
पूर्वोत्तर भारत को भारत का ‘ग्रीन गहना’ कहा जाता है, लेकिन यह गहना अब संकट में है। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, और मणिपुर में कई जल
भोपाल, जो कभी ‘झीलों का शहर’ कहलाता था, अब जल संकट की चपेट में है। अपर और लोअर लेक समेत शहर की 14 में से
केरल के वायनाड, इडुक्की और साइलेंट वैली के जंगलों में पक्षियों की विविधता अब खतरे में है। जैव विविधता बोर्ड की हालिया रिपोर्ट बताती है
सुंदरबन में बाघों और इंसानों के बीच संघर्ष बढ़ता जा रहा है। बाघों के प्राकृतिक आवास में कटौती, बढ़ते समुद्री जलस्तर और मानव घुसपैठ की
उत्तराखंड में इस मानसून में बादल फटने और भूस्खलन की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। केवल जुलाई के पहले सप्ताह में ही उत्तरकाशी, चमोली और
कर्नाटक के तटीय जिलों में तेजी से हो रही मैंग्रोव वनों की कटाई के कारण समुद्र तटों पर कटाव (coastal erosion) की घटनाएं बढ़ रही
आज का विश्व एक अजीब दौर से गुजर रहा है, जहां एक तरफ विज्ञान और प्रौद्योगिकी ने इंसानी जीवन को अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया
छत्तीसगढ़ के हसदेव आरंद क्षेत्र में खनन के विरोध में आदिवासी समुदाय ने विशाल प्रदर्शन किया। लाखों पेड़ों की कटाई और कोयला खनन के खिलाफ