
धर्म चुनने की आजादी पर हाईकोर्ट की मुहर, दो महिलाओं को रिहाई; पिता और UP सरकार पर ₹25 लाख हर्जाना
इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला—35 और 20 साल की दोनों बहनों को अपना धर्म, रहने की जगह और निजी फैसले लेने का पूरा अधिकार; अदालत ने हिरासत को मौलिक अधिकारों का उल्लंघन माना








