
वोट चोरी छोड़िए—लाठियां खाकर भी वोट वहीं? तो फिर, “इट्स गुड, यू डिज़र्व इट”
भारत के राजनीतिक परिदृश्य में 2025 का यह दौर एक अजीब-सी सिलेंट क्रांति का संकेत देता है—जहाँ सत्ता ने मनोविज्ञान को हथियार बना लिया है और जनता ने अपनी ही तकलीफों को मनोरंजन और भावनाओं के शोर में खो जाने दिया है। तीन-तीन बड़े राज्यों में बीजेपी की प्रचंड जीत ने यह साफ़ कर दिया








