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होर्मुज जलडमरूमध्य के पास कार्गो जहाज पर हमला, समुद्री खतरा ‘क्रिटिकल’ स्तर पर

अंतर्राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | दुबई | 4 मई 2026

दुबई। दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक कार्गो जहाज पर हमला होने की खबर सामने आई है। ब्रिटेन की समुद्री निगरानी एजेंसी यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के मुताबिक, एक जहाज पर कई छोटे नावों (स्मॉल क्राफ्ट) ने हमला किया। यह घटना ईरान के सिरीक इलाके के पास, होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में हुई। राहत की बात यह है कि इस हमले में जहाज के सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की खबर नहीं है। हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान युद्ध के बाद इस क्षेत्र में पहले ही तनाव चरम पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक इस इलाके में दो दर्जन से ज्यादा हमले या हमले की कोशिशें हो चुकी हैं। इसी वजह से समुद्री खतरे का स्तर “क्रिटिकल” यानी बेहद गंभीर बताया जा रहा है।

अब तक किसी भी संगठन या देश ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, इस क्षेत्र में पहले भी छोटे, तेज और आसानी से छिपने वाली नावों का इस्तेमाल कर जहाजों पर हमले किए जाते रहे हैं, जिनमें कई बार ईरान से जुड़े समूहों पर शक जताया गया है।

ईरान पहले ही यह दावा कर चुका है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण रखता है। ईरान का कहना है कि जो जहाज अमेरिका या इजरायल से जुड़े नहीं हैं, वे टैक्स या शुल्क देकर इस रास्ते से गुजर सकते हैं। इस स्थिति ने वैश्विक व्यापार के लिए चिंता बढ़ा दी है।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस का परिवहन होता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का हमला या तनाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही इस क्षेत्र में ईरानी नावों के खिलाफ सख्त रुख अपना चुके हैं। उन्होंने अमेरिकी सेना को निर्देश दिया था कि अगर कोई संदिग्ध नाव खदानें (माइंस) बिछाने की कोशिश करे तो उसे तुरंत नष्ट कर दिया जाए।

हाल ही में लागू हुआ युद्धविराम अभी तक बना हुआ है, लेकिन हालात पूरी तरह शांत नहीं हैं। ट्रंप ने भी संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर फिर से सैन्य कार्रवाई हो सकती है।

इस तरह की घटनाएं दिखाती हैं कि क्षेत्र में तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है और किसी भी वक्त हालात फिर बिगड़ सकते हैं। समुद्री व्यापार, खासकर तेल आपूर्ति, इस पूरे संकट का सबसे बड़ा शिकार बन सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस इलाके पर टिकी हुई है। जहाजों को सावधानी बरतने और सुरक्षा बढ़ाने की सलाह दी गई है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य में खतरा अभी भी टला नहीं है।

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