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BREAKING: हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने की तैयारी, ईरानी संसद में प्रस्ताव पर चर्चा

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | तेहरान | 21 मार्च 2026

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान अब आर्थिक मोर्चे पर बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। खबर है कि ईरानी संसद में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर टोल (शुल्क) लगाने के प्रस्ताव पर गंभीर चर्चा चल रही है।

अगर इसे आसान भाषा में समझें, तो यह ठीक वैसा ही है जैसे किसी एक्सप्रेसवे या हाईवे पर टोल टैक्स देना पड़ता है। यानी जो भी देश या कंपनी इस समुद्री रास्ते का इस्तेमाल करेगी, उसे ईरान को शुल्क देना पड़ सकता है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का शुल्क लागू होना सीधे तौर पर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, यह प्रस्ताव सिर्फ राजस्व बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि रणनीतिक दबाव बनाने के लिए भी लाया जा रहा है। ईरान अपनी भौगोलिक स्थिति का इस्तेमाल करते हुए उन देशों पर दबाव बनाना चाहता है, जो उस पर प्रतिबंध और सैन्य दबाव बनाए हुए हैं।

हाल के दिनों में खाड़ी क्षेत्र में हालात पहले ही तनावपूर्ण हैं। अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ती टकराहट के चलते इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा और उपयोग दोनों प्रभावित हुए हैं। कई शिपिंग कंपनियां जोखिम को देखते हुए वैकल्पिक रास्तों पर विचार कर रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह टोल लागू होता है, तो तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है। इससे महंगाई बढ़ेगी और इसका असर सीधे आम आदमी तक पहुंचेगा—चाहे वह पेट्रोल-डीजल हो या रोजमर्रा की चीजें।

खाड़ी क्षेत्र के देश—सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर—भी इस प्रस्ताव पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि उनकी अर्थव्यवस्था काफी हद तक इसी समुद्री मार्ग पर निर्भर है।

अमेरिका और उसके सहयोगी देश पहले ही “फ्री नेविगेशन” की बात कर चुके हैं। ऐसे में अगर ईरान यह कदम उठाता है, तो क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है और टकराव की स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रस्ताव चर्चा के स्तर पर है, लेकिन इसके दूरगामी असर हो सकते हैं। यह साफ है कि हॉर्मुज अब सिर्फ एक समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन का केंद्र बन चुका है।

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