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धर्म नहीं अधर्म : जब आस्था बन जाए दिखावा और भक्ति बन जाए हथियार

नई दिल्ली  15 अगस्त 2025 जब धर्म आचरण नहीं, प्रदर्शन बन जाए धर्म का मूल स्वभाव है—सत्य, करुणा, क्षमा और सेवा। लेकिन जब धर्म केवल रीतियों और रस्मों में सिमट जाए, जब वह आचरण की जगह केवल मंच का प्रदर्शन बन जाए, तो उसकी आत्मा खो जाती है। आज मंदिरों की गूंज में घनघोर घंटियाँ […]

खाद्य सुरक्षा और आयात के मायने?

15 अगस्त 2025 आलोक रंजन, वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार किसी भी देश के लिए खाद्य सुरक्षा के मायने हैं। दरअसल खाद्य सुरक्षा भारतीय कृषि अर्थव्वस्था के लिए गंभीर चुनौती है। खासकर जब देश की आधी आबादी खेती के जरिए अपना जीवनयापन कर रही हों। खाद्य सुरक्षा से यहां मतलब सिर्फ भंडारण या अनाजों को चूहों […]

कश्मीर में अदृश्य रणभूमि: कैसे सुरक्षाबल और खुफिया एजेंसियाँ बना रही हैं देश की सुरक्षा की अपराजेय दीवार

कश्मीर की सरहद पर बहादुरी का पराक्रम 15 अगस्त 2025 को जब पूरा भारत आज़ादी का 79वाँ पर्व मना रहा है, तब कश्मीर की घाटी में सैकड़ों सैनिक अपने बूटों के नीचे बर्फ और बारूद को रौंदते हुए सरहद की हिफाज़त कर रहे हैं। ये वो रणभूमि है जहाँ दुश्मन की गोली से ज़्यादा खतरनाक […]

मुसलमान और ‘वन्दे मातरम्’ — एक ऐतिहासिक बहस का संतुलित परिप्रेक्ष्य

भारत का स्वतंत्रता संग्राम केवल राजनीतिक संघर्ष नहीं था, बल्कि यह एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण भी था। इसी दौर में 1870 के दशक में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने ‘आनन्द मठ’ उपन्यास के लिए संस्कृत-बांग्ला मिश्रित कविता ‘वन्दे मातरम्’ लिखी। यह कविता मातृभूमि को देवी के रूप में चित्रित करती है — सुजलाम, सुफलाम, मलयज-शीतलाम… और माँ दुर्गा, […]

एक्सक्लूसिव: अलीगढ़ से अमेरिका तक, मुस्लिम छात्रों की ग्लोबल उड़ान

कभी पिछड़ेपन, पहचान के भय और सीमित संसाधनों के दायरे में सिमटे मुस्लिम छात्र आज दुनिया की शीर्ष यूनिवर्सिटियों में अपनी काबिलियत का परचम लहरा रहे हैं। वर्षों तक सामाजिक दबाव और आर्थिक बेड़ियों से जूझने के बावजूद अब वे हार्वर्ड, ऑक्सफोर्ड, कैम्ब्रिज, मलेशिया की इस्लामिक यूनिवर्सिटी, कतर फाउंडेशन और खाड़ी देशों के प्रमुख शैक्षणिक […]

मोदी का मिशन 2047: सुरक्षा कवच, GST कट, करोड़ों नौकरियां और डेमोग्राफिक संतुलन का संकल्प

नई दिल्ली 15 अगस्त 2025 दिल्ली का लाल किला एक बार फिर इतिहास का साक्षी बना, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरंगे के नीचे अपना 12वाँ स्वतंत्रता दिवस भाषण दिया। चारों ओर तिरंगों की लहर, बच्चों के हाथ में छोटे-छोटे झंडे और राष्ट्रीय गीतों की गूंज माहौल को और भी भावुक बना रही थी। इस […]

मुस्लिम युवाओं की नई पहचान : इनोवेशन, इंटरप्रेन्योरशिप और इन्फ्लुएंस का संगम

हैदराबाद की तंग गलियों से निकलकर, अब मुस्लिम युवा भारत की इनोवेशन लैब्स और इंटरनेशनल स्टार्टअप मंचों पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। ये युवा अब महज़ नौकरी की कतार में खड़े नहीं, बल्कि खुद रोज़गार सृजनकर्ता बनकर उभर रहे हैं। टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य, शिक्षा, फैशन और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में इनकी सोच, नेतृत्व […]

भरोसे के नाम: भारतीय मुस्लिम डॉक्टरों की नई पीढ़ी, जो सेवा को बना रही है इबादत

डॉक्टर बनना अब ख्वाब नहीं, हकीकत है – और ये नाम इसकी ज़िंदा मिसाल हैं एक समय था जब डॉक्टर बनने का सपना मुस्लिम समाज में या तो धन की सीमाओं से टकरा कर टूट जाता था, या फिर मज़हबी सोच के नाम पर महिलाओं को दबा दिया जाता था। लेकिन आज वही समाज अपने […]

एक्सक्लूसिव: खेल के मैदान से कौम की कामयाबी तक: भारतीय मुस्लिम खिलाड़ियों की चमकदार दस्तक

 मैदान से मोहल्ला तक – खेल में आ रहे हैं मुस्लिम युवाओं के सुनहरे कदम एक ज़माना था जब मुस्लिम परिवार अपने बच्चों को डॉक्टर या इंजीनियर बनाना चाहते थे, लेकिन खिलाड़ी बनने को अस्थिर भविष्य और ‘मजहब से दूर’ समझते थे। अब यह मानसिकता तेजी से बदल रही है। आज मुस्लिम युवा क्रिकेट, फुटबॉल, […]

हुनर, हिकमत और होश की मिसाल: मुस्लिम युवा वैज्ञानिक बना रहे हैं भारत का इनोवेशन इंजन

नई सोच, नई साइंस: अब लैब में भी दिख रही है कौम की चमक वो दौर गुजर चुका जब साइंस और मुस्लिम समाज के बीच केवल कुछ नामों तक सीमित रिश्ता हुआ करता था। आज भारत की प्रयोगशालाओं, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों में मुस्लिम युवा वैज्ञानिकों की गूंज है। उनके प्रयोग, शोध और तकनीकी समाधान […]