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पर्यटन के दृष्टिकोण से श्रीनगर: जीता जागता स्वर्ग

 श्रीनगर: धरती का स्वर्ग और आत्मा की शांति श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी, भारतीय उपमहाद्वीप की उस विरासत का हिस्सा है, जहाँ संस्कृति, प्रकृति और अध्यात्म एक साथ बहते हैं। यह शहर न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसके हर कोने में इतिहास बोलता है, हर गली में संस्कृति सांस लेती […]

झुग्गियों की ज़िंदगी: सपनों की राजधानी में संघर्षों का संसार

जहाँ इंडिया गेट, संसद भवन और राष्ट्रपति भवन जैसी भव्य इमारतें चमकती हैं, उन्हीं सड़कों के कुछ मोड़ों पर छिपी है एक और दिल्ली — झुग्गियों की दिल्ली। ये वे स्थान हैं जहाँ दीवारों के नाम पर टाट की चादरें हैं, छत के नाम पर प्लास्टिक की परत, और जीवन के नाम पर संघर्ष की […]

“नई सोच, नया कश्मीर: राष्ट्र की मुख्यधारा में उभरता कश्मीरी युवा”

2014 और उससे पहले का कश्मीर – अशांति, हड़तालें, कर्फ्यू और जली हुई किताबों की तस्वीरों से भरा हुआ था। छात्र-छात्राएं कभी स्कूल तक नहीं पहुँच पाते थे, और जो पढ़ भी लेते थे, उनके पास करियर की कोई स्पष्ट दिशा नहीं थी। शिक्षा एक बाधा लगती थी, प्रेरणा नहीं। लेकिन 2025 के इस नए […]

केंद्र शासित बन कर नवजीवन मिला जम्मू-कश्मीर की स्वास्थ्य व्यवस्था को

जम्मू-कश्मीर का स्वास्थ्य क्षेत्र एक नई स्वतंत्रता का अनुभव कर रहा है—स्वास्थ्य सेवाओं की निर्बाध पहुँच, आधुनिक तकनीक और बेहतर चिकित्सा ढाँचे की स्वतंत्रता। पाँच वर्षों में केंद्र शासित प्रदेश रहे जम्मू-कश्मीर ने न केवल अवसंरचना के स्तर पर, बल्कि चिकित्सीय सेवाओं की गुणवत्ता, बीमा सुरक्षा, मातृत्व देखभाल, और डिजिटल स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक […]

लेह – लद्दाख: भारत की छत पर बसा एक भौगोलिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चमत्कार

श्रीनगर 15 अगस्त 2025 जहाँ प्रकृति और आत्मा का मिलन होता है लद्दाख, भारत का सबसे ऊँचा और सबसे अनूठा क्षेत्र, हिमालय और काराकोरम की गोद में बसा ऐसा स्थान है जो हर यात्री की आत्मा को गहराई से स्पर्श करता है। इसे ‘भारत की छत’ कहा जाता है, और यह केवल एक भौगोलिक संज्ञा […]

आज़ादी के अमृतकाल में छत्तीसगढ़ बना नवभारत की प्रेरणा : विकास, विश्वास और विरासत का त्रिवेणी संगम

15 अगस्त का दिन केवल स्वतंत्रता का उत्सव नहीं, बल्कि उस सपने को जीने का अवसर है जिसे हमारे पुरखों ने आज़ाद भारत के लिए देखा था — एक समृद्ध, सशक्त, आत्मनिर्भर राष्ट्र। इस अमृतकाल में जब देश “विकसित भारत” की ओर अग्रसर है, तब छत्तीसगढ़ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विकास, जनविश्वास […]

थके बिना लंबा टिकें: पुरुषों के लिए 14 असरदार सेक्स पावर टिप्स

नई दिल्ली  15 अगस्त 2025 सेक्स कोई रेस नहीं, इसे एक ‘सफर’ की तरह लीजिए अक्सर पुरुष सेक्स को एक प्रतिस्पर्धा या प्रदर्शन की तरह देखने लगते हैं। “ज्यादा देर तक टिकना” एक लक्ष्य बन जाता है और इसी दबाव में शरीर और मन दोनों थक जाते हैं। लेकिन अगर आप इसे ‘सफर’ की तरह […]

दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेटर: मैदान के सितारे, दौलत के बादशाह

क्रिकेट को अगर धर्म कहा जाता है, तो इसके खिलाड़ियों को भगवान मानने में कोई संकोच नहीं। लेकिन आज का क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं रहा — यह ग्लैमर, ब्रांडिंग, निवेश और बहु-अरब डॉलर की इंडस्ट्री बन चुका है। यही वजह है कि क्रिकेट के मैदान पर बल्ले और गेंद से करिश्मा करने वाले खिलाड़ी अब […]

कश्मीर के फल: आत्मनिर्भर भारत की खुशबू

जब खेतों से उठती है देशभक्ति की सुगंध स्वतंत्रता केवल सरहदों और संविधान की नहीं होती — यह आत्मनिर्भरता की होती है। यह मिट्टी से उठे उस विश्वास की होती है जो किसान के फावड़े से लेकर व्यापारी के कंटेनर तक हर उस प्रयास में बसती है, जो भारत को भारत बनाता है। कश्मीर घाटी, […]

जम्मू-कश्मीर का केसर: सुगंध से सोने तक, खेत से वैश्विक मंच तक

केसर: महज़ एक मसाला नहीं, सभ्यता की सुगंध जम्मू-कश्मीर का केसर — जिसे “ज़ाफ़रान” भी कहा जाता है — कोई साधारण मसाला नहीं, बल्कि हिमालय की गोद से निकली एक ऐसी सुगंधित विरासत है, जो भारतीय संस्कृति, आयुर्वेद, सूफी परंपरा, और कश्मीरी शान का प्रतीक बन चुकी है। इसकी खेती मुख्य रूप से पुलवामा ज़िले […]