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असम 2026: दिल्ली में खड़गे–राहुल की बड़ी रणनीति—कांग्रेस मिशन मोड में

अवधेश कुमार । नई दिल्ली 3 दिसंबर 2025

कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की असम पर बड़ी बैठक, 2026 की लड़ाई का बिगुल

नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने असम के शीर्ष नेतृत्व के साथ एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक की। यह बैठक न सिर्फ एक औपचारिक संवाद थी, बल्कि 2026 के असम विधानसभा चुनावों की व्यापक तैयारी का संकेत भी देती है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि असम कांग्रेस अब एक “री-लॉन्च मोड” में है, जहां संगठन विस्तार, नेतृत्व की मजबूती, और बूथ स्तर पर पुनर्गठन पर विशेष जोर दिया जाएगा।

असम नेतृत्व को हाई-कमांड का स्पष्ट संदेश—संगठन पहले, राजनीति बाद में

बैठक में खड़गे और राहुल गांधी ने असम कांग्रेस को स्पष्ट निर्देश दिया कि आने वाले महीनों में पार्टी संगठन को बूथ-स्तर तक सक्रिय और मजबूत करना प्राथमिक लक्ष्य होगा। चर्चा में बताया गया कि पिछले दो चुनावों में संगठनात्मक कमजोरी, गुटबाज़ी और रणनीतिक तालमेल की कमी ने पार्टी को नुकसान पहुंचाया। हाई-कमांड ने असम प्रभारी और राज्य नेताओं को दो टूक कहा कि अब किसी भी प्रकार की खींचतान बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर नेता की जिम्मेदारी फील्ड-एक्शन से आंकी जाएगी।

राहुल गांधी ने उठाए चुनावी मुद्दे—महंगाई, बेरोजगारी और ‘परिवारिक शासन’ पर जोर

राहुल गांधी ने बैठक में असम की सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों पर विस्तार से बात की और महंगाई, बेरोजगारी, बिजली-पानी संकट, बाढ़ प्रबंधन, और कथित ‘परिवारवादी शासन’ को चुनावी नैरेटिव का केंद्र बनाने पर जोर दिया। उन्होंने असम नेतृत्व को सलाह दी कि भाजपा सरकार के “केंद्रित सत्तावाद” और “प्रशासनिक विफलताओं” को व्यापक जनसंपर्क अभियान के माध्यम से जनता के बीच ले जाया जाए। राहुल ने यह भी कहा कि असम की सांस्कृतिक पहचान, भाषाई विविधता और जनजातीय समुदायों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने की जरूरत है।

खड़गे का सख्त संदेश—“टीम बनकर लड़ेंगे तभी जीतेंगे”

मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि असम जैसे बड़े और जटिल राज्य में कांग्रेस तभी मजबूत होगी, जब नेता एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करने के बजाय भाजपा से मुकाबला करेंगे। खड़गे ने पार्टी नेताओं को चेताया कि “अंतरकलह ने जितना नुकसान भाजपा ने नहीं पहुंचाया, उससे कहीं अधिक हमें खुद ने पहुंचाया है।” उन्होंने असम संगठन से कहा कि आगे हर निर्णय धरातल की वास्तविकताओं और जनता की भावनाओं के आधार पर लिया जाएगा।

के.सी. वेणुगोपाल ने संगठनात्मक खामियों पर रखी समीक्षा रिपोर्ट

संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने असम संगठन पर एक विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में बताया गया कि कई जिलों में पार्टी ढांचा निष्क्रिय है, कई जगहों पर बूथ कमेटियों का अपडेट नहीं हुआ है, और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की कमी है। वेणुगोपाल ने कहा कि आने वाले तीन महीनों में सदस्यता अभियान, प्रशिक्षण वर्कशॉप, डिजिटल कनेक्ट प्रोग्राम और युवा संगठनों के विस्तार पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि असम कांग्रेस को “जमीनी लड़ाई” के लिए पूरी तरह तैयार करना ही प्राथमिकता है।

कांग्रेस की रणनीति स्पष्ट—असम 2026 को बनाना है टर्निंग पॉइंट

इस बैठक के बाद यह साफ है कि कांग्रेस हाई-कमांड असम को हल्के में नहीं ले रहा। पार्टी का मानना है कि 2026 के असम चुनाव न सिर्फ पूर्वोत्तर में कांग्रेस की पुनर्स्थापना का अवसर हैं बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में पार्टी की प्रभावशीलता बढ़ाने का बड़ा मौका भी।

इसलिए, पार्टी नेतृत्व ने यह संकेत दिया है कि आगे की रणनीति कठोर, संगठित और पूरी तरह चुनाव-केंद्रित होगी।

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