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एशियन गेम्स 2026: भारत का धमाका, हॉकी में पाकिस्तान को 4-3 से हराकर फाइनल में पहुंचा

खेल | ABC NATIONAL NEWS | 1 अक्टूबर 2026

एशियन गेम्स 2026 के 13वें दिन भारत के लिए मुकाबलों से भरा और रोमांचक दिन रहा। सबसे बड़ा आकर्षण भारत-पाकिस्तान हॉकी सेमीफाइनल रहा, जहां भारतीय टीम ने बेहद करीबी मुकाबले में पाकिस्तान को 4-3 से हराकर फाइनल में जगह बना ली। भारत ने पहले हाफ में 3-1 की बढ़त बनाई, लेकिन पाकिस्तान ने जोरदार वापसी करते हुए स्कोर 3-3 कर दिया। मुकाबला निर्णायक मोड़ पर पहुंचा, तभी अभिषेक ने अंतिम क्षणों में गोल कर भारत को 4-3 की बढ़त दिलाई और टीम ने फाइनल का टिकट पक्का कर लिया।

भारत के लिए क्रिकेट में भी दिन शानदार रहा। श्रीलंका के खिलाफ सेमीफाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 169/7 का स्कोर बनाया। ईशान किशन ने 46 गेंदों पर 80 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि वैभव सूर्यवंशी ने 38 रन बनाए। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका को सिर्फ 45 रन पर समेट दिया, जिससे भारत ने मुकाबला जीतकर फाइनल में प्रवेश किया। अब गोल्ड मेडल के लिए भारत का सामना पाकिस्तान से होगा।

कुश्ती में नितेश सिवाच ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। उन्होंने पुरुषों के 97 किलोग्राम ग्रीको-रोमन सेमीफाइनल में मंगोलिया के गंखुयाग गनबातर को 9-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। इस जीत के साथ भारत का कम से कम रजत पदक पक्का हो गया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 1962 के बाद भारत का कोई पहलवान इस वर्ग में एशियन गेम्स के फाइनल तक नहीं पहुंचा था।

निशानेबाजी में भारत का अभियान निराशाजनक तरीके से खत्म हुआ। 25 मीटर रैपिड पिस्टल स्पर्धा में अनिश भानवाला फाइनल में सातवें स्थान पर रहे। हालांकि, उन्हें फाइनल में जगह तब मिली जब एक ही देश के अधिकतम दो निशानेबाजों के नियम के कारण दक्षिण कोरिया के एक खिलाड़ी को बाहर होना पड़ा था।

कंपाउंड तीरंदाजी में गणेश थिरुमुरु ने कांस्य पदक जीतकर भारत के अभियान को पदक के साथ समाप्त किया। वह सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया के किम जोंगहो से हार गए थे, लेकिन कांस्य पदक मुकाबले में उन्होंने वापसी की। भारतीय कंपाउंड तीरंदाजों ने इस एशियन गेम्स में पांच में से चार स्पर्धाओं में पदक जीते, जिनमें तीन स्वर्ण शामिल हैं।

सेपकटकरॉ में भी भारत ने पदक पक्का कर लिया है। पुरुषों की क्वाड्रेंट स्पर्धा में भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है। सेमीफाइनल में पहुंचने वाली दोनों टीमों को कम से कम कांस्य पदक मिलता है, इसलिए भारत का एक और पदक सुनिश्चित हो गया है।

स्क्वैश में भारतीय महिला टीम को हांगकांग के खिलाफ सेमीफाइनल में 1-2 से हार मिली और उसे कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। पुरुष टीम के सेमीफाइनल में भी भारत और मलेशिया के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। अब निर्णायक मुकाबले में भारत की नजर फाइनल में जगह बनाने पर थी।

जूडो में भारत के लिए दिन मिलाजुला रहा। इनुंगांबी तक्हेल्लामबम कांस्य पदक मुकाबले में मंगोलिया की अनुजिन उरान-उल्जी से हार गईं। इसके साथ भारत का जूडो अभियान बिना पदक के समाप्त हुआ। वहीं महिलाओं की 57 किलोग्राम श्रेणी में यामिनी मौर्य ने क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई।

टेनिस में सुमित नागल का अभियान क्वार्टरफाइनल में खत्म हुआ। उन्हें चीन के यीबिंग वू ने 6-4, 6-4 से हराया। वहीं गोल्फ में प्रणवी उर्स महिला व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले में दो राउंड के बाद दूसरे स्थान पर बनी हुई थीं।

वॉलीबॉल में भारत को पाकिस्तान के हाथों करारी हार झेलनी पड़ी। पुरुषों के क्वार्टरफाइनल में पाकिस्तान ने भारत को सीधे सेटों में हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। एशियन गेम्स में लगातार तीसरी बार पाकिस्तान ने भारत को पुरुष वॉलीबॉल में हराया है।

दिन के अंत तक भारत ने कई खेलों में पदक की दौड़ मजबूत की, जबकि कुछ स्पर्धाओं में अभियान समाप्त भी हुआ। लेकिन हॉकी और क्रिकेट में पाकिस्तान के खिलाफ लगातार दो बड़े मुकाबलों ने 13वें दिन को भारतीय खेल प्रशंसकों के लिए खास बना दिया। हॉकी में फाइनल का टिकट और क्रिकेट में गोल्ड मेडल मुकाबले की जगह—अब भारत की नजरें अगले मुकाबलों पर हैं।

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