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ऐशे घोष की गिरफ्तारी की कोशिश का आरोप: AKG भवन पहुंची दिल्ली पुलिस, SFI के विरोध के बाद लौटी वापस

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 29 जुलाई 2026

जंतर-मंतर छात्र आंदोलन की प्रमुख नेताओं में शामिल स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की राष्ट्रीय संयुक्त सचिव ऐशे घोष को गिरफ्तार करने की कथित कोशिश को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। SFI ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस मंगलवार को CPI(M) के मुख्यालय AKG भवन पहुंची और वर्ष 2021 के एक प्रदर्शन से जुड़े मामले में ऐशे घोष को हिरासत में लेने का प्रयास किया। हालांकि, पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद पुलिस बिना किसी गिरफ्तारी के वापस लौट गई।

SFI का कहना है कि पुलिस बिना पूर्व सूचना पार्टी कार्यालय में दाखिल हुई और ऐशे घोष को हिरासत में लेने की कोशिश की। संगठन के अनुसार, कार्यकर्ताओं ने इसका शांतिपूर्ण ढंग से विरोध किया, जिसके बाद पुलिस को अपनी कार्रवाई रोकनी पड़ी।

घटना के दौरान CPI(M) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास भी मौके पर पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। इसके बाद पुलिस ऐशे घोष को हिरासत में लिए बिना वहां से लौट गई।

SFI ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए आरोप लगाया कि हाल ही में समाप्त हुए जंतर-मंतर छात्र आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले छात्र नेताओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। संगठन का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने वाले छात्रों को पुराने मामलों के आधार पर डराने और दबाने की कोशिश की जा रही है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर देशभर में बहस तेज है। हाल के दिनों में कई छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन से जुड़े छात्रों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ विभिन्न राज्यों में दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है।

हालांकि, इस मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस ने SFI के आरोपों की पुष्टि या खंडन करते हुए कोई बयान जारी नहीं किया है।

ऐशे घोष को हिरासत में लेने की कथित कोशिश के बाद यह मामला केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और छात्र आंदोलनों पर सरकारी कार्रवाई को लेकर भी नई राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।

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