[the_ad id="179"]
Home » Blog » क्रॉस वोटिंग करने वालों पर कार्रवाई होगी — दीपेंद्र हुड्डा

क्रॉस वोटिंग करने वालों पर कार्रवाई होगी — दीपेंद्र हुड्डा

राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | चंडीगढ़/नई दिल्ली | 17 मार्च 2026

हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के भीतर पैदा हुए विवाद ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। इस पूरे घटनाक्रम पर पार्टी सांसद Deepender Singh Hooda ने स्पष्ट और कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि जिन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है, उनके खिलाफ पार्टी स्तर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यह केवल पार्टी अनुशासन का मामला नहीं है, बल्कि जनता के भरोसे से जुड़ा सवाल भी है, और ऐसे कदम उठाने वालों को जनता भी माफ़ नहीं करेगी।

दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि राज्यसभा चुनाव केवल राजनीतिक प्रतिस्पर्धा नहीं था, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों की परीक्षा भी थी। इस दौरान कई तरह के प्रलोभन, दबाव और राजनीतिक समीकरण सामने आए, लेकिन इसके बावजूद जिन विधायकों ने पार्टी के साथ मजबूती से खड़े रहते हुए मतदान किया, उन्होंने न सिर्फ संगठन के प्रति निष्ठा दिखाई, बल्कि लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाई। उन्होंने ऐसे विधायकों की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि उनका सम्मान जनता के बीच और अधिक बढ़ा है।

उन्होंने यह भी कहा कि आज जब राजनीति में विचारधारा से ज्यादा अवसरवाद हावी होता जा रहा है, तब ऐसे उदाहरण उम्मीद जगाते हैं। जो विधायक तमाम दबावों के बावजूद अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे, उन्होंने यह साबित किया कि राजनीति अभी पूरी तरह से मूल्यहीन नहीं हुई है। हुड्डा के अनुसार, यह चुनाव उन लोगों के लिए भी एक संदेश है जो सत्ता या लालच के दबाव में अपने फैसले बदल लेते हैं।

बीजेपी पर निशाना साधते हुए दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि उनके नेताओं और हरियाणा के मुख्यमंत्री ने चुनाव से पहले कांग्रेस के उम्मीदवार को “कमजोर” बताने की कोशिश की थी। लेकिन नतीजों ने यह साफ कर दिया कि एक सामाजिक कार्यकर्ता को कम आंकना उनकी बड़ी भूल थी। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल एक व्यक्ति की जीत नहीं, बल्कि उस सोच की जीत है जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की बात करती है।

हुड्डा ने आगे कहा कि लोकतंत्र में जीत केवल संख्या की नहीं होती, बल्कि नैतिकता और सिद्धांतों की भी होती है। इस चुनाव में जो विधायक पार्टी के साथ खड़े रहे, उन्होंने यह दिखाया कि जनादेश और संविधान सर्वोपरि हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब राजनीतिक दबाव चरम पर होता है, तब भी सही निर्णय लेना ही सच्ची राजनीति है।

उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को “संविधान की जीत” बताते हुए कहा कि अंततः वही लोग सफल होते हैं जो जनहित और मूल्यों के साथ खड़े रहते हैं। उनके मुताबिक, यह चुनाव आने वाले समय के लिए एक उदाहरण बनेगा कि लोकतंत्र में हर वोट की अहमियत होती है और हर निर्णय जनता के विश्वास से जुड़ा होता है।

दीपेंद्र हुड्डा ने स्पष्ट किया कि पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखना जरूरी है और जो लोग इसके खिलाफ जाते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होना तय है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ऐसे ईमानदार और प्रतिबद्ध नेताओं के साथ खड़ी रहेगी, जो किसी भी परिस्थिति में अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करते।

इस पूरे घटनाक्रम ने हरियाणा की राजनीति में एक नया संदेश दिया है—कि दबाव और प्रलोभन के बावजूद अगर इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो लोकतंत्र और संविधान की जीत सुनिश्चित की जा सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *