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श्रेयस की अग्निपरीक्षा, वैभव से फिर उम्मीदें… हरारे में जीत से कम कुछ मंजूर नहीं

स्पोर्ट्स | काव्या अग्रवाल | ABC NATIONAL NEWS | हरारे | 22 जुलाई 2026

टीम इंडिया के लिए अब बहानों की नहीं, नतीजों की बारी है। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ मिली निराशाजनक हार के बाद भारतीय टीम गुरुवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी-20 में उतरेगी। कागज पर भारत मजबूत दिखता है, लेकिन हाल के प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया है कि टी-20 क्रिकेट में अब कोई मुकाबला आसान नहीं रह गया।

सबसे ज्यादा नजरें कप्तान श्रेयस अय्यर पर होंगी। कप्तानी की शुरुआत उनके लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है और अब उनके सामने टीम को फिर से जीत की पटरी पर लाने की चुनौती है। जिम्बाब्वे के खिलाफ यह सीरीज सिर्फ एक और दौरा नहीं, बल्कि खिलाड़ियों का आत्मविश्वास लौटाने का मौका भी है।

फैंस की निगाहें एक बार फिर 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पर टिकी होंगी। कम उम्र में अपनी बेखौफ बल्लेबाजी से चर्चा में आए वैभव से इस बार भी बड़ी पारी की उम्मीद है। उनके साथ अभिषेक शर्मा पारी की शुरुआत करेंगे। हरारे का मैदान दोनों के लिए खास रहा है। अभिषेक ने यहीं अपने टी-20 करियर का पहला शतक लगाया था, जबकि वैभव ने इसी मैदान पर अंडर-19 विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ शानदार शतक जड़ा था।

हालांकि हरारे की पिच भारतीय बल्लेबाजों की परीक्षा लेने के लिए तैयार है। शुरुआती ओवरों में यहां गेंद में उछाल और नमी रहती है, जिसका फायदा जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी और रिचर्ड एनगारवा उठाने की कोशिश करेंगे। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों को शुरुआत में संयम दिखाना होगा।

मध्यक्रम भी टीम इंडिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। तिलक वर्मा पांचवें नंबर पर अब तक सहज नहीं दिखे हैं, जबकि ईशान किशन को लगातार ऊपर खिलाया जा रहा है। वहीं रिंकू सिंह जैसे फिनिशर को कब और कितनी जिम्मेदारी मिलेगी, इस पर भी सबकी नजर रहेगी।

इस दौरे पर मुख्य कोच की जिम्मेदारी वीवीएस लक्ष्मण संभाल रहे हैं। उनका शांत स्वभाव और युवा खिलाड़ियों पर भरोसा टीम के लिए सकारात्मक माहौल बना सकता है। अब देखना होगा कि खिलाड़ी इस भरोसे को मैदान पर जीत में बदल पाते हैं या नहीं।

जिम्बाब्वे को हल्के में लेना भारत के लिए बड़ी भूल साबित हो सकती है। पिछले कुछ वर्षों में मेजबान टीम ने कई मजबूत देशों को कड़ी टक्कर दी है। अगर भारत अपनी लय में नहीं लौटा तो मुकाबला उम्मीद से कहीं ज्यादा कठिन हो सकता है।

भारतीय प्रशंसक अब सिर्फ अच्छी बल्लेबाजी या शानदार गेंदबाजी नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद जीत देखना चाहते हैं। हरारे में टीम इंडिया के पास आलोचनाओं का जवाब बल्ले और गेंद से देने का बेहतरीन मौका है। अब देखना यह है कि युवा जोश और अनुभव का यह मिश्रण जीत की कहानी लिखता है या फिर सवालों का सिलसिला और लंबा हो जाता है।

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