Home » National » फतेहपुर में मकबरे पर विवाद: दो समुदाय आमने-सामने, भारी पुलिस बल तैनात

फतेहपुर में मकबरे पर विवाद: दो समुदाय आमने-सामने, भारी पुलिस बल तैनात

Facebook
WhatsApp
X
Telegram

फतेहपुर (उत्तर प्रदेश), 11 अगस्त 2025 

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के अबू नगर क्षेत्र में स्थित एक प्राचीन मकबरे को लेकर रविवार को बड़ा बवाल खड़ा हो गया। जानकारी के अनुसार, स्थानीय हिंदू संगठनों—जिनमें बजरंग दल, विश्व हिन्दू परिषद (VHP) और हिमने दल शामिल हैं—का दावा है कि यह मकबरा वास्तव में एक प्राचीन मंदिर की जगह पर बना है, जो थाकुरजी और शिवजी को समर्पित था। उनका आरोप है कि ऐतिहासिक काल में इस मंदिर को ध्वस्त कर उसके स्थान पर मकबरा बना दिया गया। इसी दावे के आधार पर रविवार को बड़ी संख्या में लोग यहां जुटे और परिसर में नारेबाजी करते हुए मकबरे के हिस्सों को क्षतिग्रस्त करने लगे।

घटना के दौरान भीड़ के हाथों में भगवा झंडे और डंडे थे, और कई लोग “जय श्री राम” के नारे लगा रहे थे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भीड़ को मकबरे के बाहर खड़े होकर आक्रोश जताते और परिसर के अंदर जाते हुए देखा जा सकता है। मौके पर स्थिति तेजी से तनावपूर्ण हो गई, जिसके चलते जिला प्रशासन ने फौरन पुलिस और प्रांतीय सशस्त्र बल (PAC) को बुलाया। सुरक्षा बलों ने पहुंचकर पूरे इलाके को घेर लिया, विवादित स्थल पर बैरिकेडिंग की गई और वहां धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई, ताकि किसी भी तरह की हिंसक झड़प को रोका जा सके।

दूसरी ओर, मुस्लिम समुदाय के नेताओं और स्थानीय लोगों ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है। नेशनल उलेमा काउंसिल के राष्ट्रीय सचिव मो. नसीम ने कहा कि यह मकबरा कई सौ साल पुराना है और सरकारी रिकॉर्ड में इसे मकबरे के रूप में ही दर्ज किया गया है। उन्होंने इस घटना को सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की साजिश करार दिया और सवाल उठाया कि “क्या हर मुस्लिम धार्मिक स्थल के नीचे मंदिर खोजने की कोशिश की जाएगी?” उनका आरोप है कि ऐसे विवाद जानबूझकर खड़े किए जा रहे हैं, ताकि दोनों समुदायों के बीच तनाव फैले। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर 11 अगस्त को यहां प्रस्तावित पूजा को नहीं रोका गया, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

जिला प्रशासन ने मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को शांत रहने, अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी तरह की उकसाने वाली गतिविधियों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। पुलिस ने इस मामले में शामिल लोगों की पहचान शुरू कर दी है और फुटेज के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है। साथ ही, एहतियातन मकबरे के आसपास और उससे जुड़े मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

यह घटना ऐसे समय पर हुई है, जब उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों को लेकर विवाद लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। इतिहासकारों का कहना है कि इस तरह के विवाद तब और खतरनाक हो जाते हैं, जब उन्हें स्थानीय राजनीति और संगठित समूहों का समर्थन मिलने लगता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में अगर प्रशासन तुरंत और सख्ती से नहीं निपटा, तो यह तनाव बड़े पैमाने पर फैल सकता है। वहीं, इलाके के आम नागरिकों का कहना है कि वे किसी भी तरह की हिंसा या तनाव नहीं चाहते और प्रशासन को चाहिए कि विवादित स्थल को फिलहाल सील करके न्यायिक जांच कराई जाए।

 

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments