Home » Telengana » तेलंगाना में नई वाहन नीति लागू — सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम

तेलंगाना में नई वाहन नीति लागू — सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम

1 जनवरी 2025 से तेलंगाना राज्य सरकार ने एक नई वाहन नीति लागू करते हुए सड़कों पर चलने वाले पुराने वाहनों पर सख्ती से निगरानी और पर्यावरणीय अनुकूलन का एक नया अध्याय शुरू किया है। इस नीति के अनुसार, 15 वर्ष या उससे अधिक पुराने सभी निजी और व्यावसायिक वाहन तभी सार्वजनिक सड़कों पर चलने योग्य माने जाएंगे, जब वे अनिवार्य रूप से फिटनेस परीक्षण में पास हों। यह परीक्षण परिवहन विभाग के अनुमोदित केंद्रों पर कराया जाएगा और इसमें वाहनों के ब्रेक, लाइट्स, धुएं का स्तर, शोर, इंजन की दशा और ढांचे की मजबूती की जांच की जाएगी। 

यदि कोई वाहन इस फिटनेस परीक्षण में विफल रहता है, तो उसके मालिक को ग्रीन टैक्सचुकाना होगा। यह टैक्स न केवल आर्थिक रूप से दंडात्मक होगा, बल्कि उसे यह विकल्प भी दिया जाएगा कि वह वाहन को स्क्रैपिंग प्रक्रिया के तहत पंजीकृत करें। इस पहल का प्रमुख उद्देश्य सड़कों से ऐसे वाहनों को हटाना है जो भारी प्रदूषण फैलाते हैं, जिनके कारण न केवल वायु गुणवत्ता गिरती है, बल्कि वे सड़क सुरक्षा के लिए भी खतरा बनते हैं। 

राज्य सरकार ने इस नीति को लागू करते हुए स्पष्ट किया है कि यह सिर्फ एक प्रशासनिक निर्देश नहीं, बल्कि जनहित और पर्यावरणीय सुधार की दिशा में एक प्रतिबद्धता है। तेलंगाना के प्रमुख शहरी केंद्रों हैदराबाद, वारंगल, खम्मम और निजामाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) पिछले वर्षों में चिंताजनक स्तर तक गिरा है। इससे प्रेरणा लेकर सरकार ने पुराने वाहनों के उत्सर्जन को नियंत्रित करने का यह तरीका अपनाया है।

इसके साथ ही सरकार ने संकेत दिया है कि भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को अधिक प्रोत्साहन देने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में स्वच्छ ईंधन वाले वाहनों को प्राथमिकता देने की योजना भी चल रही है। इस नीति से एक ओर जहां वाहन उद्योग में अपग्रेडेशन की आवश्यकता को बल मिलेगा, वहीं दूसरी ओर वाहन मालिकों को तकनीकी सुधारों की ओर प्रेरित किया जाएगा। 

यह नई वाहन नीति केवल एक क़ानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि वायु गुणवत्ता सुधार, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, और जनस्वास्थ्य में सुधार की दिशा में एक समग्र दृष्टिकोण का हिस्सा है। 1 जनवरी से लागू यह नीति न केवल तेलंगाना में, बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरक उदाहरण बन सकती है, जो शहरीकरण और यातायात के दबाव के बीच सतत विकास की राह तलाश रहे हैं। 

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted