3 जनवरी 2025 को अहमदाबाद शहर ने गुजरात के रियल एस्टेट क्षेत्र के इतिहास में एक नई उपलब्धि जोड़ी, जब मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने GUJCON संपत्ति मेले का उद्घाटन किया। यह आयोजन कॉन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन्स ऑफ इंडिया (CREDAI Gujarat) द्वारा आयोजित किया गया था और इसका मुख्य उद्देश्य गुजरात में आवासीय संपत्तियों को बढ़ावा देना, किफायती आवास योजनाओं को जनसाधारण तक पहुंचाना और रियल एस्टेट उद्योग को पारदर्शी एवं टिकाऊ बनाना था।
GUJCON मेला उन लोगों के लिए एक सुनहरा अवसर बनकर उभरा जो पहली बार घर खरीदने की योजना बना रहे हैं। मेला स्थल पर 1BHK और 2BHK जैसे किफायती मकानों की कई योजनाएं प्रदर्शित की गईं, जो मध्यमवर्गीय और निम्न-मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक व्यावहारिक समाधान पेश करती हैं। राज्य सरकार की योजनाओं के तहत सबसिडी, कम ब्याज दरों पर होम लोन, और प्रॉपर्टी टैक्स में छूट जैसी सुविधाएं भी आगंतुकों को बताई गईं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात में शहरीकरण को संतुलित रूप से आगे बढ़ाने के लिए हर व्यक्ति को छत मिले, यह सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सरकार की नीतियां सिर्फ शहरी विस्तार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे टिकाऊ शहरी जीवन, ग्रीन बिल्डिंग्स और गुणवत्ता पूर्ण निर्माण को भी बढ़ावा देती हैं।
इस कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि CEPT विश्वविद्यालय के साथ किए गए समझौता ज्ञापन (MoU) थी। इसके अंतर्गत भवन निर्माण क्षेत्र के लिए आवश्यक कुशल मानव संसाधन तैयार करने का लक्ष्य तय किया गया। विशेष रूप से प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, पेंटर्स और साइट सुपरवाइज़र्स को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे निर्माण की गुणवत्ता तो सुधरेगी ही, युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।
GUJCON मेले में 50 से अधिक प्रमुख रियल एस्टेट कंपनियों ने भाग लिया, जिन्होंने अपने नवीनतम प्रोजेक्ट्स, स्मार्ट हाउसिंग विकल्पों, और सस्टेनेबल निर्माण तकनीकों का प्रदर्शन किया। इसके अतिरिक्त, मेले में बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने भी अपने स्टॉल लगाए, जो होम लोन पर तत्काल सलाह और ऑन-स्पॉट प्री-अप्रूवल की सुविधा दे रहे थे।
एक अलग सेक्शन में ग्रीन बिल्डिंग और ऊर्जा-कुशल मकानों पर विशेष प्रस्तुतियां दी गईं। यहां बताया गया कि कैसे सौर ऊर्जा, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे उपायों को अपनाकर शहरी विकास को पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सकता है। इस भागीदारी ने यह साबित किया कि गुजरात न केवल निर्माण में तेजी ला रहा है, बल्कि सस्टेनेबिलिटी और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को भी समान महत्व दे रहा है।
अंततः, GUJCON संपत्ति मेला सिर्फ एक रियल एस्टेट इवेंट नहीं था, बल्कि यह गुजरात सरकार और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग और समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बना। इससे न केवल मकान खरीदने वालों को नई उम्मीद मिली, बल्कि राज्य के रियल एस्टेट और निर्माण क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में एक ठोस कदम भी सिद्ध हुआ।




