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इजरायल में सत्ता से बाहर होंगे नेतन्याहू! गैडी आइज़ेनकोट को 67 सांसदों का समर्थन

अरब दलों के समर्थन से विपक्ष ने बहुमत का आंकड़ा पार किया; नेतन्याहू का समर्थन 53 से घटकर 46 सांसदों पर आया, सात सांसदों वाली सहयोगी पार्टी ने समर्थन देने से किया इनकार

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | तेल अवीव/नई दिल्ली | 6 नवंबर 2026

इजरायल की राजनीति में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सत्ता पर अब तक की सबसे बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। पूर्व सेना प्रमुख और विपक्षी नेता गैडी आइज़ेनकोट को 120 सदस्यीय संसद नेसेट के 67 सांसदों का समर्थन मिल गया है। सरकार बनाने के लिए 61 सांसदों का समर्थन जरूरी है। दूसरी ओर नेतन्याहू के समर्थन में सांसदों की संख्या घटकर 46 रह गई है। उनकी पुरानी सहयोगी यूनाइटेड टोरा जूडिज्म पार्टी के सात सांसदों ने किसी भी उम्मीदवार के समर्थन में सिफारिश नहीं करने का फैसला किया है।

अरब नेतृत्व वाले जॉइंट लिस्ट गठबंधन के 11 सांसदों के आइज़ेनकोट के समर्थन में आने से यह नया समीकरण बना है। इससे पहले मंसूर अब्बास की राआम पार्टी के आठ सांसद भी आइज़ेनकोट को समर्थन देने का ऐलान कर चुके थे। दोनों अरब दलों के समर्थन ने नेतन्याहू के खिलाफ विपक्षी खेमे की ताकत 67 तक पहुंचा दी है। Reuters +2

नेतन्याहू के खेमे से सात सांसदों का समर्थन गायब

चुनाव के बाद नेतन्याहू के नेतृत्व वाले दक्षिणपंथी और धार्मिक गठबंधन के पास 53 सीटें थीं। लेकिन यूनाइटेड टोरा जूडिज्म (UTJ) के सात सांसदों ने राष्ट्रपति इसाक हर्जोग के सामने किसी भी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की सिफारिश नहीं करने का फैसला किया। इसके बाद नेतन्याहू के समर्थन में दर्ज सिफारिशों की संख्या 46 रह गई।

UTJ का यह फैसला नेतन्याहू के लिए बड़ा राजनीतिक झटका है। पार्टी लंबे समय से उनकी सहयोगी रही है। उसकी नाराजगी का एक प्रमुख कारण अति-रूढ़िवादी यहूदी धार्मिक छात्रों को सैन्य सेवा से छूट देने संबंधी कानून पर नेतन्याहू सरकार की ओर से वादा पूरा नहीं किया जाना बताया जा रहा है। The Economic Times +2

छह दलों के 67 सांसद आइज़ेनकोट के साथ

आइज़ेनकोट को समर्थन देने वाले छह दलों में उनकी अपनी याशर पार्टी के 21 सांसद, नफ्ताली बेनेट की बियाखाद पार्टी के 12, यायर गोलान की डेमोक्रेट्स पार्टी के 8, एविग्डोर लिबरमैन की यिसराइल बेतेनु पार्टी के 7, जॉइंट लिस्ट के 11 और मंसूर अब्बास की राआम पार्टी के 8 सांसद शामिल हैं।

इस तरह कुल 67 सांसदों ने आइज़ेनकोट को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने की सिफारिश की है। बहुमत के लिए जरूरी 61 के आंकड़े से यह छह अधिक है। इस समर्थन ने उन्हें राष्ट्रपति के सामने सरकार बनाने का दावा पेश करने की मजबूत स्थिति में ला दिया है। World News – The Indian Express +2

अरब दलों ने नेतन्याहू की वापसी रोकने के लिए मिलाया हाथ

इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम में अरब नेतृत्व वाले दलों की भूमिका निर्णायक रही है। जॉइंट लिस्ट ने 5 नवंबर को घोषणा की कि उसके तीनों घटक गुटों ने सर्वसम्मति से आइज़ेनकोट के नाम का समर्थन करने का फैसला किया है।

गठबंधन ने कहा कि उसका उद्देश्य नेतन्याहू और उनकी सरकार की वापसी रोकना है। उसने यह भी कहा कि विपक्षी खेमे को अरब नागरिकों के खिलाफ भड़काऊ राजनीति और उनके राजनीतिक अधिकारों की वैधता पर सवाल उठाने की प्रवृत्ति का अधिक मजबूती से मुकाबला करना चाहिए।

जॉइंट लिस्ट के 11 और राआम के आठ सांसदों को मिलाकर अरब नेतृत्व वाले दलों के पास संसद की 19 सीटें हैं। इन दलों ने नेतन्याहू विरोधी खेमे को बहुमत के आंकड़े तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। The Times of Israel +2

67 सांसदों का समर्थन, लेकिन गठबंधन की राह आसान नहीं

आइज़ेनकोट को 67 सांसदों की सिफारिशें मिलना और इन सभी दलों का उनकी सरकार में शामिल होना एक ही बात नहीं है। जॉइंट लिस्ट ने संकेत दिया है कि वह सरकार में शामिल हुए बिना बाहर से समर्थन देने की भूमिका निभा सकती है। दूसरी ओर एविग्डोर लिबरमैन की यिसराइल बेतेनु पार्टी अरब दलों के समर्थन पर निर्भर सरकार में शामिल होने का विरोध कर चुकी है।

इसलिए आइज़ेनकोट के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन दलों के बीच न्यूनतम साझा कार्यक्रम और सरकार चलाने की व्यावहारिक सहमति तैयार करना है। समर्थन की सिफारिशों ने उन्हें बढ़त जरूर दी है, लेकिन स्थिर सरकार बनाने के लिए राजनीतिक समझौते जरूरी होंगे। Türkiye Today +2

राष्ट्रपति हर्जोग के सामने अब सत्ता परिवर्तन का फैसला

इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग को राजनीतिक दलों से विचार-विमर्श के बाद यह तय करना है कि किस सांसद को सरकार बनाने का पहला अवसर दिया जाए। इसके लिए 11 नवंबर की समयसीमा निर्धारित है।

राष्ट्रपति उस उम्मीदवार को मौका देंगे जिसके बारे में उन्हें लगता है कि वह संसद में बहुमत जुटा सकता है। सबसे अधिक सिफारिशें मिलने वाला उम्मीदवार अपने आप प्रधानमंत्री नहीं बन जाता।

सरकार बनाने का अवसर मिलने पर उम्मीदवार को गठबंधन तैयार करने के लिए 28 दिन मिलेंगे। जरूरत पड़ने पर 14 दिन का अतिरिक्त समय भी दिया जा सकता है। यदि गठबंधन नहीं बनता, तो संवैधानिक प्रक्रिया के तहत दूसरे उम्मीदवार को अवसर देने या नए चुनाव की स्थिति बन सकती है। The Economic Times +1

नेतन्याहू की सत्ता पर सबसे बड़ा राजनीतिक प्रश्नचिह्न

चुनाव में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी 27 सीटों के साथ सबसे बड़ी व्यक्तिगत पार्टी बनकर उभरी थी। लेकिन सबसे बड़ी पार्टी होना सरकार बनाने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुआ। उनके नेतृत्व वाले गठबंधन को 53 सीटें मिली थीं, जबकि विपक्षी दलों और अरब नेतृत्व वाले दलों ने मिलकर 67 सांसदों का समर्थन आइज़ेनकोट के पक्ष में खड़ा कर दिया है।

अब नेतन्याहू के सामने दोहरी चुनौती है। एक ओर उनकी पुरानी सहयोगी UTJ ने समर्थन से हाथ खींच लिया है, दूसरी ओर विपक्ष ने राष्ट्रपति के सामने बहुमत का आंकड़ा पेश कर दिया है।

फिर भी अंतिम सत्ता परिवर्तन तभी होगा जब आइज़ेनकोट राष्ट्रपति से सरकार बनाने का अवसर प्राप्त करेंगे, सफल गठबंधन तैयार करेंगे और नेसेट में विश्वास मत हासिल करेंगे।

इजरायल में नेतन्याहू की राजनीतिक वापसी की राह बेहद कठिन हो गई है। 67 सांसदों का समर्थन आइज़ेनकोट को बढ़त दे चुका है। अब राष्ट्रपति हर्जोग के फैसले और गठबंधन वार्ताओं पर तय होगा कि नेतन्याहू की सत्ता का अंत होता है या इजरायल एक बार फिर राजनीतिक गतिरोध और नए चुनाव की ओर बढ़ता है।

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