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छह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण घोषित

अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम में चलेगी प्रक्रिया; 30 नवंबर को प्रकाशित होगी मसौदा मतदाता सूची

राष्ट्रीय | अवधेश झा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 5 नवंबर 2026

भारत निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को छह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision-SSR) की घोषणा की है। इस प्रक्रिया के दायरे में अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, ओडिशा, सिक्किम, चंडीगढ़ तथा दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव शामिल हैं। आयोग के अनुसार, पुनरीक्षण के बाद मसौदा मतदाता सूची 30 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

किन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में होगा पुनरीक्षण?

निर्वाचन आयोग की घोषणा के अनुसार, विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण इन क्षेत्रों में कराया जाएगा:

* अरुणाचल प्रदेश

* चंडीगढ़

* दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव

* मिजोरम

* ओडिशा

* सिक्किम

30 नवंबर को आएगी मसौदा मतदाता सूची

इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना और पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करना है। साथ ही सूची में मौजूद गलतियों, दोहराव और अपात्र प्रविष्टियों की पहचान कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे। मसौदा सूची प्रकाशित होने के बाद मतदाताओं को अपने नाम और अन्य विवरणों की जांच करने का अवसर मिलेगा।

जिन पात्र नागरिकों के नाम सूची में शामिल नहीं हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। वहीं, नाम, पता या अन्य विवरणों में गलती होने पर सुधार का अनुरोध भी किया जा सकेगा।

विशेष पुनरीक्षण और SIR में अंतर

विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) मतदाता सूची को नियमित रूप से अद्यतन करने की प्रक्रिया है। इसके तहत नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, गलतियों में सुधार और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं से संबंधित प्रविष्टियों को नियमों के अनुसार दुरुस्त करने का काम किया जाता है।

यह विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से अलग प्रक्रिया है। SIR में मतदाता सूची की अधिक व्यापक और गहन जांच की जाती है, जबकि SSR का उद्देश्य मौजूदा सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है।

मतदाताओं के लिए जरूरी है सूची की जांच

निर्वाचन प्रक्रिया में मतदान का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए मतदाता सूची में नाम होना आवश्यक है। इसलिए संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के नागरिकों को मसौदा सूची प्रकाशित होने के बाद अपना नाम, पता और अन्य विवरण जांचने चाहिए, ताकि किसी भी त्रुटि को निर्धारित समय के भीतर ठीक कराया जा सके।

छह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया ऐसे समय घोषित की गई है, जब देश के विभिन्न हिस्सों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण और SIR को लेकर राजनीतिक तथा सार्वजनिक बहस जारी है।

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