मनोरंजन | ABC NATIONAL NEWS | मुंबई | 27 अक्टूबर 2026
बॉलीवुड की मशहूर गायिका सोना मोहपात्रा एक बार फिर अपने संगीत और अनोखे अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने न तो किसी बड़े स्टेज का सहारा लिया है और न ही भव्य संगीत समारोह का। सोना अपने घर के निजी बुक रूम से संगीत प्रेमियों के लिए एक खास पेशकश लेकर आई हैं। उनके नए प्रोजेक्ट ‘बुक रूम सेशंस’ में आवाज, संगीत और भावनाओं का ऐसा मेल है, जिसमें दिखावे से ज्यादा सादगी और आत्मीयता को महत्व दिया गया है।
सोना ने अपने संदेश के जरिए बताया कि उन्होंने ‘वारी वारी एकॉस्टिक’ के साथ इस खास संगीत सत्र की शुरुआत की है। इसकी रिकॉर्डिंग उनके घर ‘तराशा’ के बुक रूम में की गई है। इसमें सोना की आवाज के साथ तीन संगीतकारों का साथ है। न बड़े मंच की चमक, न भारी-भरकम सजावट और न ही किसी तरह का अतिरिक्त तामझाम—बस संगीत, आवाज और रोमांस का सहज एहसास।
जब घर का बुक रूम बन गया संगीत का मंच
सोना मोहपात्रा का यह प्रयोग उन संगीत प्रेमियों को खास तौर पर पसंद आ सकता है, जो गीतों में सिर्फ धुन नहीं, बल्कि कलाकार की आवाज की बारीकियां और भावनाओं की गहराई भी तलाशते हैं। ‘बुक रूम सेशंस’ का विचार संगीत को ज्यादा निजी और नजदीकी अनुभव बनाना है, जहां श्रोता को ऐसा महसूस हो मानो कलाकार उसके सामने बैठकर गा रहा हो।
सोना ने अपने संदेश में कहा कि आज की दुनिया नए गानों, शोर और लगातार आती रिलीज से भरी हुई है। ऐसे माहौल में उन्होंने सोचा कि जिन लोगों से उनका निजी जुड़ाव है, उन तक संगीत सीधे क्यों न पहुंचाया जाए? हर बार किसी एल्गोरिदम के भरोसे रहने के बजाय वह चाहती हैं कि उनके श्रोता इस संगीत को सहजता से सुन सकें।
उनके इस संदेश में डिजिटल दौर के संगीत की एक बड़ी चुनौती भी झलकती है। हर मिनट नए गाने सामने आते हैं, लेकिन कलाकार और श्रोता के बीच व्यक्तिगत जुड़ाव बनाना आसान नहीं रहता। सोना का यह प्रयोग उसी दूरी को कम करने की कोशिश है।
‘ब्रिजर्टन’ और ‘द ट्यूडर्स’ ने जगाया शाही रोमांस का खुमार
सोना का रचनात्मक अंदाज यहीं नहीं रुकता। उन्होंने अपने संदेश में एक और दिलचस्प प्रयोग का जिक्र किया। ‘ब्रिजर्टन’ और ‘द ट्यूडर्स’ जैसी सीरीज देखने के बाद उनके मन में पुराने शाही दौर के रोमांस को अपने अंदाज में आजमाने का विचार आया।
उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि इस कल्पना को साकार करने के लिए उन्होंने कॉर्सेट पहना, एक पुरानी और भव्य हवेली का माहौल चुना और खुद को किसी ऐतिहासिक प्रेम कहानी के किरदार की तरह पेश करने का प्रयोग किया। इस तरह उनके संगीत के साथ एक दृश्यात्मक कल्पना भी जुड़ गई—एक तरफ घर के बुक रूम की सादगी, दूसरी तरफ पुराने महल की भव्यता और रोमांटिक अंदाज।
सोना ने अपने प्रशंसकों से पूछा है कि उन्हें ‘वारी वारी’ का कौन-सा रूप ज्यादा पसंद है—घर के बुक रूम में रिकॉर्ड किया गया आत्मीय और सादा संस्करण या फिर शाही हवेली की पृष्ठभूमि वाला रोमांटिक प्रयोग।
सादगी बनाम शाही अंदाज—सोना ने श्रोताओं से मांगी राय
सोना मोहपात्रा की इस पेशकश की खासियत यह है कि वह अपने संगीत को केवल सुनने तक सीमित नहीं रख रही हैं, बल्कि प्रशंसकों को अपनी रचनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा भी बना रही हैं। एक ओर वह संगीत की सहजता और निकटता को सामने रखती हैं, तो दूसरी ओर पुराने दौर के रोमांस और भव्यता के साथ प्रयोग करती हैं।
उनके संदेश में उत्साह, हास्य और अपने श्रोताओं से सीधा संवाद साफ दिखाई देता है। वह चाहती हैं कि लोग सिर्फ गाना सुनकर आगे न बढ़ जाएं, बल्कि यह भी बताएं कि संगीत और उसके प्रस्तुतिकरण का कौन-सा रूप उनके दिल के ज्यादा करीब है।
‘वारी वारी एकॉस्टिक’ का बुक रूम संस्करण यहां सुना जा सकता है:
[https://youtu.be/_dTZuZ_uNII?si=e2PRnP3vMK1714YW](https://youtu.be/_dTZuZ_uNII?si=e2PRnP3vMK1714YW&utm_source=chatgpt.com)
संगीत, रोमांस और अपनेपन का नया मेल
सोना मोहपात्रा का यह प्रयोग बताता है कि संगीत की प्रस्तुति के लिए हमेशा बड़े मंच और भव्य आयोजन जरूरी नहीं होते। कभी-कभी एक शांत कमरा, कलाकार की आवाज और कुछ अच्छे संगीतकार ही श्रोताओं तक पहुंचने के लिए काफी होते हैं। वहीं, कल्पना और प्रयोग की चाह कलाकार को उसी गीत को एक बिल्कुल अलग दृश्यात्मक दुनिया में ले जाने की प्रेरणा दे सकती है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि श्रोताओं को सोना का कौन-सा अंदाज ज्यादा पसंद आता है—किताबों से घिरे कमरे में गूंजती आत्मीय आवाज या पुराने महल के बीच सजा रोमांस। फिलहाल सोना ने दोनों दरवाजे खोल दिए हैं और फैसला अपने संगीत प्रेमियों पर छोड़ दिया है।



