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रणजी ट्रॉफी में इतिहास: चिन्मय सुतार ने जड़ा 400 रन का नाबाद शतक

मिजोरम के 29 वर्षीय बल्लेबाज बने रणजी ट्रॉफी में 400 रन बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी; नागालैंड के खिलाफ 517 गेंदों में 46 चौके और 7 छक्कों की मदद से रचा इतिहास

ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 19 अक्टूबर 2026

78 साल बाद फिर बना 400 रन का रिकॉर्ड

रणजी ट्रॉफी के इतिहास में मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने नया इतिहास रच दिया है। वह इस प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट में एक पारी में 400 रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले बी.बी. निंबालकर ने 1948-49 के सत्र में नाबाद 443 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी।

29 वर्षीय चिन्मय ने सोमवार को नागालैंड के खिलाफ प्लेट ग्रुप मुकाबले के दूसरे दिन यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 517 गेंदों का सामना करते हुए 46 चौके और सात छक्के लगाए और 400 रन बनाकर नाबाद रहे।

मिजोरम ने 581 रन पर घोषित की पारी

सोविमा में खेले जा रहे मुकाबले में चिन्मय ने अपनी पारी को 181 रन से आगे बढ़ाया और तीसरे सत्र में 400 रन का आंकड़ा पार कर लिया। उनकी शानदार बल्लेबाजी की बदौलत मिजोरम ने नौ विकेट पर 581 रन बनाकर अपनी पारी घोषित कर दी।

टीम की ओर से अगला सबसे बड़ा स्कोर जेहू एंडरसन का 69 रन रहा। इससे चिन्मय की पारी में दिखाए गए दबदबे का अंदाजा लगाया जा सकता है।

नौवां विकेट 392 रन पर गिरने के बाद नंबर 11 के बल्लेबाज लालरेमपुइया छकचुआक ने उनका अच्छा साथ दिया। दोनों के बीच आखिरी विकेट के लिए नाबाद 189 रन की साझेदारी हुई। छकचुआक ने 76 गेंदों पर नाबाद 14 रन बनाए, जबकि चिन्मय दूसरे छोर से लगातार रन बनाते रहे।

मुंबई से मिजोरम पहुंचे चिन्मय

चिन्मय सुतार इस सत्र से पहले मुंबई छोड़कर मिजोरम की टीम में शामिल हुए थे। उन्होंने इसी महीने मणिपुर के खिलाफ मुकाबले में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया था। उस मैच की पहली पारी में वह 35 रन पर आउट हुए, जबकि दूसरी पारी में 99 रन बनाए।

इससे पहले जनवरी 2026 में उन्होंने मुंबई की ओर से महाराष्ट्र के खिलाफ विजय हजारे ट्रॉफी में अपना लिस्ट-ए पदार्पण किया था। उस मैच में वह रन आउट होकर दो रन ही बना सके थे।

चिन्मय 2019 में एशियन क्रिकेट काउंसिल इमर्जिंग टीम्स कप में भारत की इमर्जिंग टीम का भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

पिता भी मुंबई के लिए खेल चुके हैं

चिन्मय के पिता राजेश सुतार भी क्रिकेटर रहे हैं। उन्होंने मुंबई के लिए सात प्रथम श्रेणी मुकाबले और 30 लिस्ट-ए मैच खेले थे। वर्ष 1998 में ब्रेबोर्न स्टेडियम में ऑस्ट्रेलियाई टीम के दौरे के दौरान एक अभ्यास मैच में उन्होंने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के साथ पारी की शुरुआत की थी और 48 रन बनाए थे।

रणजी ट्रॉफी में सबसे बड़ी पारियों का रिकॉर्ड

रणजी ट्रॉफी में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड अब भी बी.बी. निंबालकर के नाम है, जिन्होंने 1948-49 में नाबाद 443 रन बनाए थे। चिन्मय सुतार की नाबाद 400 रन की पारी इस सूची में दूसरे स्थान पर दर्ज हुई है।

रणजी ट्रॉफी की बड़ी व्यक्तिगत पारियों में पृथ्वी शॉ के 379, संजय मांजरेकर के 377, एम.वी. श्रीधर और तनय अग्रवाल के 366-366, विजय मर्चेंट और समित गोहेल के नाबाद 359-359 तथा वीवीएस लक्ष्मण के 353 रन भी शामिल हैं।

चिन्मय की इस ऐतिहासिक पारी ने उन्हें भारतीय घरेलू क्रिकेट के चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल कर दिया है।

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