राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 17 अक्टूबर 2026
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को सीने में संक्रमण के बाद दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 98 वर्षीय आडवाणी को शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे अस्पताल लाया गया। अस्पताल अधिकारियों के अनुसार, उन्हें पल्मोनरी विभाग में रखा गया है और डॉक्टरों की एक टीम उनकी सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए है। उनकी आवश्यक जांच की जा रही है।
आडवाणी को इससे पहले इसी साल मई में उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ दिनों के उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी। फिलहाल उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अस्पताल की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
आधुनिक भाजपा के प्रमुख शिल्पकारों में रहे आडवाणी
लालकृष्ण आडवाणी को आधुनिक भाजपा के निर्माण और विस्तार में अहम भूमिका निभाने वाले नेताओं में गिना जाता है। वह तीन बार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। उनका कार्यकाल 1986 से 1990, 1993 से 1998 और 2004 से 2005 तक रहा।
25 सितंबर 1990 को उन्होंने गुजरात के सोमनाथ से राम रथ यात्रा शुरू की थी। इस यात्रा ने राम मंदिर आंदोलन को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला दिया। 23 अक्टूबर 1990 को बिहार के समस्तीपुर में उनकी गिरफ्तारी के बाद यात्रा रोक दी गई थी।
6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहा दी गई थी। इस मामले में वर्षों बाद विशेष सीबीआई अदालत ने आडवाणी और अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था।
अटल सरकार में गृह मंत्री और उपप्रधानमंत्री रहे
अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार में आडवाणी ने 1998 से 2004 तक केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में काम किया। 2002 से 2004 तक वह देश के उपप्रधानमंत्री भी रहे। उनके गृह मंत्री रहते 1999 में कारगिल संघर्ष और 2001 में संसद पर आतंकवादी हमला हुआ था।
इससे पहले, मोरारजी देसाई सरकार में उन्होंने 1977 से 1979 तक सूचना एवं प्रसारण मंत्री की जिम्मेदारी संभाली थी।
2024 में मिला भारत रत्न
लालकृष्ण आडवाणी को वर्ष 2024 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। भाजपा के संगठनात्मक विस्तार और राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका के कारण उन्हें पार्टी के वरिष्ठतम नेताओं में गिना जाता है।
फिलहाल आडवाणी दिल्ली के अपोलो अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उनकी सेहत को लेकर आगे की जानकारी अस्पताल की ओर से जारी किए जाने की प्रतीक्षा है।



