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सूर्यकांत ने फिर फंसा दिया! पहले ‘कॉकरोच’, अब ‘मक्खी’—युवाओं और छात्रों पर टिप्पणी से नया विवाद!

राजनीति/ राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 9 अक्टूबर 2026

पहले CJP के नाम में ‘कॉकरोच’ और अब दिल्ली प्रदर्शन की सुनवाई के दौरान ‘मक्खी मारने के लिए हथौड़ा मत चलाओ’ वाली टिप्पणी! जस्टिस सूर्यकांत की बात का सियासी मतलब निकालने वालों को फिर मौका मिल गया। सवाल यह है कि क्या न्यायपालिका की टिप्पणियों को समझने में जानबूझकर संदर्भ से काटा जा रहा है, या फिर शब्दों के चुनाव से राजनीतिक विवाद खड़ा हो रहा है?

दरअसल, उपलब्ध खबर के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में ‘मक्खी मारने के लिए हथौड़ा मत चलाओ’ वाली टिप्पणी का संदर्भ सरकार और पुलिस की कार्रवाई की कथित असंगत कठोरता से था—यानी सुरक्षा के नाम पर ऐसा कदम न उठाया जाए, जिससे लाखों आम यात्रियों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो। यह टिप्पणी युवाओं और छात्रों को ‘मक्खी’ कहने के लिए नहीं थी।

लेकिन सियासत में शब्दों की अपनी राजनीति है! पहले ‘कॉकरोच’ और अब ‘मक्खी’—ऐसे शब्दों को जोड़कर तंज कसना आसान है, मगर असली सवाल वही है: दिल्ली में प्रदर्शन रोकने के लिए आम जनता की आवाजाही पर कितनी पाबंदी उचित है? युवाओं के विरोध का जवाब संवाद से दिया जाएगा या प्रतिबंधों से?

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