खेल | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 6 अक्टूबर
चार साल के लंबे इंतजार के बाद अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की भारतीय टीम में वापसी हो गई है। 36 साल के भुवनेश्वर को न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारत की T20I टीम में शामिल किया गया है। लंबे समय से राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे भुवनेश्वर की वापसी अचानक लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि पिछले कुछ महीनों में उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान लगातार अपनी ओर खींचा था। खास तौर पर IPL 2026 में उनके शानदार प्रदर्शन के बाद उनकी टीम इंडिया में वापसी की संभावनाएं मजबूत हुईं। IPL के इस सीजन में भुवनेश्वर ने 28 विकेट हासिल किए और पर्पल कैप की दौड़ में कगिसो रबाडा से सिर्फ एक विकेट पीछे रहे।
भुवनेश्वर कुमार ने आखिरी बार भारत के लिए करीब चार साल पहले खेला था। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट जनवरी 2018 में, आखिरी वनडे जनवरी 2022 में और आखिरी T20I नवंबर 2022 में खेला था। इसके बाद धीरे-धीरे वह भारतीय टीम की योजनाओं से बाहर होते चले गए। हालांकि उन्होंने घरेलू क्रिकेट और IPL में अपनी गेंदबाजी जारी रखी। हाल के वर्षों में उनकी घरेलू क्रिकेट में मौजूदगी मुख्य रूप से सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी तक सीमित रही, लेकिन IPL में उन्होंने लगातार अपनी उपयोगिता साबित की। IPL 2026 में 28 विकेट लेने के बाद उनकी वापसी को लेकर चर्चा तेज हुई और अब चयनकर्ताओं ने उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ T20I सीरीज के लिए मौका दिया है।
भुवनेश्वर की वापसी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि भारतीय टीम अब सिर्फ मौजूदा सीरीज की जरूरतों पर नहीं, बल्कि आगे की बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए भी विकल्प तैयार कर रही है। 2027 का वनडे वर्ल्ड कप सामने है और ऐसे में सवाल यह भी है कि क्या भुवनेश्वर अपनी फिटनेस और शरीर को लंबे प्रारूप के दबाव के लिए तैयार रख सकते हैं। T20 क्रिकेट में उनका अनुभव, नई गेंद से स्विंग कराने की क्षमता और डेथ ओवरों में गेंदबाजी का लंबा अनुभव उन्हें टीम के लिए उपयोगी विकल्प बनाता है। हालांकि वनडे क्रिकेट का workload T20 से अलग होता है और चयनकर्ताओं के सामने यही सबसे बड़ी चुनौती होगी कि 36 वर्षीय तेज गेंदबाज के शरीर को किस तरह संभाला जाए।
भुवनेश्वर की वापसी की जमीन पिछले कुछ महीनों में तैयार हुई। इंग्लैंड दौरे के दौरान जब तेज गेंदबाज हर्षित राणा एक बार फिर चोटिल हुए, तब टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं के बीच भुवनेश्वर के नाम पर चर्चा शुरू हुई। इससे पहले IPL में उनके प्रदर्शन ने भी यह दिखा दिया था कि उम्र बढ़ने के बावजूद उनकी गेंदबाजी में धार और नियंत्रण बरकरार है। खासकर नई गेंद से बल्लेबाजों को परेशान करने की उनकी क्षमता और महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट निकालने का अनुभव उन्हें युवा गेंदबाजों से अलग बनाता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भुवनेश्वर कुमार की यह वापसी सिर्फ न्यूजीलैंड के T20I दौरे तक सीमित रहेगी या वह एक बार फिर भारत की वनडे योजनाओं का हिस्सा बन पाएंगे। 2027 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए भारत को ऐसे तेज गेंदबाजों की जरूरत होगी जो दबाव वाले मुकाबलों में अनुभव के साथ प्रदर्शन कर सकें। भुवनेश्वर के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव है और वह बड़े टूर्नामेंटों में भारत के लिए खेल चुके हैं। लेकिन उनकी उम्र और तेज गेंदबाज के रूप में लगातार मैच खेलने की शारीरिक क्षमता पर चयनकर्ताओं को लगातार नजर रखनी होगी।
चार साल तक राष्ट्रीय टीम से दूर रहने के बाद भुवनेश्वर के लिए यह वापसी किसी दूसरे मौके से कम नहीं है। उन्होंने उस समय वापसी की है जब उनके करियर को लगभग समाप्त माना जाने लगा था। IPL 2026 में 28 विकेट और अब भारत की T20I टीम में चयन ने यह साबित किया है कि शानदार प्रदर्शन के दम पर उम्र की सीमा को भी चुनौती दी जा सकती है। अब भुवनेश्वर के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस मौके को लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर की दूसरी पारी में बदलने की होगी। न्यूजीलैंड दौरा उनकी वापसी का पहला पड़ाव है, लेकिन असली नजर 2027 वर्ल्ड कप की संभावित टीम पर रहेगी।



