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ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज, 7 अक्टूबर को चुनाव आयोग के बाहर INDIA गठबंधन का शक्ति प्रदर्शन

राष्ट्रीय / दिल्ली | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 4 अक्टूबर 2026

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध अब सड़क से बढ़कर सीधे चुनाव आयोग के मुख्यालय तक पहुंचने वाला है। INDIA गठबंधन ने 7 अक्टूबर को दिल्ली स्थित चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर संयुक्त प्रदर्शन का ऐलान किया है। विपक्षी दलों ने इस प्रदर्शन के जरिए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को और तेज करने का फैसला किया है। साथ ही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को तत्काल वापस लेने और मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संचालित करने की मांग भी उठाई जाएगी।

इस संयुक्त प्रदर्शन में कांग्रेस, CPI, CPI(M), RJD, RSP और अन्य विपक्षी दलों के शामिल होने की घोषणा की गई है। विपक्ष का आरोप है कि SIR की मौजूदा प्रक्रिया मतदाताओं के अधिकारों पर असर डाल सकती है और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल पैदा कर रही है। विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियादी नींव है और उसमें किसी भी तरह का बदलाव पूरी पारदर्शिता तथा संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप होना चाहिए।

सड़क से चुनाव आयोग तक पहुंचा टकराव

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। AAP, वामपंथी संगठनों, छात्र समूहों और अन्य विपक्षी कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर समेत दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किए हैं। कई मौकों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया। रविवार को भी दिल्ली में CEC के खिलाफ प्रदर्शन जारी रहे और पुलिस की कार्रवाई को लेकर विपक्ष तथा प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाए।

अब 7 अक्टूबर का प्रदर्शन इस आंदोलन का अगला बड़ा पड़ाव माना जा रहा है। INDIA गठबंधन के दल सीधे चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर पहुंचकर अपनी मांग दर्ज कराएंगे। इसका राजनीतिक संदेश भी स्पष्ट है—विपक्ष अब इस मुद्दे को केवल संसद या प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित रखने के बजाय चुनाव आयोग के सामने सड़क पर उठाने की तैयारी में है।

SIR पर विपक्ष का सबसे बड़ा हमला

विपक्षी दलों का मुख्य निशाना SIR है। उनका कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिसमें किसी योग्य नागरिक का नाम गलती से मतदाता सूची से बाहर न हो। विपक्ष इसे केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि हर नागरिक के वोट के अधिकार से जुड़ा मुद्दा बता रहा है। INDIA गठबंधन ने SIR को वापस लेने और मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की है।

दूसरी तरफ, चुनाव आयोग और बीजेपी इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं और उनका कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण अपात्र, डुप्लीकेट या गलत प्रविष्टियों को हटाने की प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसे में अब राजनीतिक विवाद का केंद्र यही बन गया है कि SIR की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है और इसके दौरान वास्तविक मतदाताओं के अधिकारों की पर्याप्त सुरक्षा हो रही है या नहीं।

इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष

INDIA गठबंधन का विरोध अब केवल SIR तक सीमित नहीं है। गठबंधन के दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी लगातार उठा रहे हैं। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर उनकी भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। पिछले दिनों भी चुनाव आयोग के बाहर विपक्षी दलों और वामपंथी नेताओं ने प्रदर्शन कर CEC के इस्तीफे की मांग की थी।

इस बीच कांग्रेस ने भी दिल्ली में आंदोलन को आगे बढ़ाने का ऐलान किया है। पार्टी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ समर्थकों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।

अब 7 अक्टूबर पर नजर

दिल्ली में लगातार बढ़ रहे विरोध और पुलिस हिरासत के बीच 7 अक्टूबर का INDIA गठबंधन का प्रदर्शन महत्वपूर्ण हो गया है। एक तरफ विपक्ष इसे मतदाता के अधिकार और लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई बता रहा है, तो दूसरी तरफ चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ बीजेपी विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक अभियान के तौर पर देख रहे हैं।

अब असली परीक्षा 7 अक्टूबर को होगी। चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर विपक्षी दलों का संयुक्त प्रदर्शन कितना बड़ा होता है, पुलिस की क्या रणनीति रहती है और INDIA गठबंधन अपने विरोध को किस स्तर तक ले जाता है—इन सब पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं। इतना साफ है कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग अब विपक्षी राजनीति का एक प्रमुख मुद्दा बन चुकी है और SIR को लेकर टकराव फिलहाल थमता दिखाई नहीं दे रहा।

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