[the_ad id="179"]
Home » Sports » एशियन गेम्स में भारत का गोल्ड बरकरार, पाकिस्तान को 19 रन से हराकर लगातार दूसरी बार चैंपियन

एशियन गेम्स में भारत का गोल्ड बरकरार, पाकिस्तान को 19 रन से हराकर लगातार दूसरी बार चैंपियन

खेल | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 3 अक्टूबर 2026

भारत-पाकिस्तान का मुकाबला हो और रोमांच आखिरी गेंद तक न पहुंचे, ऐसा कम ही होता है। इस बार मंच था एशियन गेम्स का फाइनल और दांव पर था स्वर्ण पदक। निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में शनिवार को दोनों टीमों के बीच ऐसा मुकाबला हुआ, जिसमें कभी भारत मजबूत दिखा तो कभी पाकिस्तान ने वापसी कर भारतीय खेमे की धड़कनें बढ़ा दीं। आखिरकार भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से हराकर लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स क्रिकेट का गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।

भारत ने 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में भी पुरुष क्रिकेट का स्वर्ण पदक जीता था। जापान में मिली यह जीत खिताब बचाने के साथ-साथ दबाव में शानदार प्रदर्शन की कहानी भी है।

अभिषेक का तूफान, भारत की तेज शुरुआत

टॉस जीतकर कप्तान श्रेय़स अय्यर ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। भारत को जिस शुरुआत की जरूरत थी, वह अभिषेक शर्मा ने दे दी। उन्होंने शुरुआती ओवरों में पाकिस्तानी गेंदबाजों पर ऐसा हमला बोला कि रन गति देखते ही देखते आसमान छूने लगी।

अभिषेक ने महज 28 गेंदों में 61 रन ठोक दिए। उनके बल्ले से निकले बड़े शॉट्स ने भारत को पावरप्ले में ही मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। भारत ने पावरप्ले में 81 रन बनाए, जो पाकिस्तान के खिलाफ उसका अब तक का सबसे बड़ा T20I पावरप्ले स्कोर बताया गया।

हालांकि शुरुआती विस्फोट के बाद पाकिस्तान ने वापसी की। बीच के ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों पर अंकुश लगाया गया और भारत की रन गति कुछ धीमी पड़ी। ऐसा लगा कि टीम 250 के आसपास पहुंचने की स्थिति से पीछे खिसक रही है।

तभी तिलक वर्मा ने मोर्चा संभाला।

तिलक ने आखिरी ओवरों में बदला मैच का रंग

पारी के अंतिम हिस्से में तिलक वर्मा ने गियर बदला और पाकिस्तानी गेंदबाजों पर फिर से दबाव बना दिया। उन्होंने सिर्फ 22 गेंदों पर नाबाद 51 रन की पारी खेली। शिवम दुबे के साथ उनकी साझेदारी ने भारत को फिर से रफ्तार दी और टीम 200 के पार पहुंच गई।

20 ओवर की समाप्ति पर भारत का स्कोर था 211/6।

अब पाकिस्तान के सामने 212 रन का लक्ष्य था। भारत को लगा कि उसने फाइनल पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। लेकिन पाकिस्तान की पारी ने जल्द ही इस भरोसे को चुनौती में बदल दिया।

हसन नवाज ने भारतीय खेमे में बढ़ाई धड़कनें

लक्ष्य बड़ा था, लेकिन पाकिस्तान के बल्लेबाजों ने पीछा शुरू करते ही संकेत दे दिया कि वे आसानी से हार मानने वाले नहीं हैं। हसन नवाज ने भारतीय गेंदबाजों पर आक्रमण शुरू कर दिया।

उन्होंने सिर्फ 51 गेंदों पर 96 रन की शानदार पारी खेली। साइम अयूब के साथ उनकी साझेदारी ने पाकिस्तान की उम्मीदों को जिंदा रखा। एक समय ऐसा लगने लगा कि पाकिस्तान इस बड़े लक्ष्य को हासिल कर सकता है।

भारत की गेंदबाजी पर दबाव साफ दिखाई देने लगा था। कुछ गेंदबाज महंगे साबित हुए और पाकिस्तान लगातार जरूरी रन रेट के करीब बना रहा।

फाइनल अब बल्लेबाज बनाम बल्लेबाज नहीं, बल्कि दबाव और धैर्य की लड़ाई बन चुका था।

वॉशिंगटन ने लगाई ब्रेक, बुमराह ने बंद किया रास्ता

जब पाकिस्तान की पारी भारत के लिए मुश्किल खड़ी कर रही थी, तब वॉशिंगटन सुंदर ने 18वें ओवर में शानदार गेंदबाजी करते हुए रन गति पर ब्रेक लगाया। इसके बाद जसप्रीत बुमराह ने अपने अनुभव का इस्तेमाल किया और निर्णायक समय पर पाकिस्तान के बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने से रोक दिया।

बुमराह के पेनल्टीमेट ओवर ने मुकाबले का रुख लगभग तय कर दिया। पाकिस्तान को आखिरी ओवर में जीत के लिए 33 रन चाहिए थे।

इतने बड़े लक्ष्य के बावजूद हसन नवाज क्रीज पर थे और उनकी 96 रन की पारी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई थी। लेकिन आखिरी ओवर में भारत ने जरूरी नियंत्रण बनाए रखा।

पाकिस्तान 20 ओवर में 192/6 तक ही पहुंच सका।

भारत ने मुकाबला 19 रन से जीत लिया।

पाकिस्तान के खिलाफ लगातार सातवीं जीत

इस जीत के साथ भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ पुरुष T20I मुकाबलों में लगातार सातवीं जीत दर्ज की। हालांकि इस फाइनल में पाकिस्तान ने जिस तरह वापसी की, उसने मुकाबले को एकतरफा होने से रोक दिया।

भारत के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि एशियन गेम्स में पुरुष और महिला दोनों भारतीय क्रिकेट टीमों ने स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। महिला टीम ने पहले श्रीलंका को हराकर गोल्ड जीता था। पुरुष टीम ने पाकिस्तान को हराकर भारत के लिए क्रिकेट में गोल्डन डबल पूरा कर दिया।

क्रिकेट के साथ कई और ऐतिहासिक उपलब्धियां

3 अक्टूबर भारत के लिए एशियन गेम्स में सिर्फ क्रिकेट की वजह से यादगार नहीं रहा। कई अन्य भारतीय खिलाड़ियों ने भी इतिहास रचा।

17 वर्षीय कुमकुम मोहोड ने महिला व्यक्तिगत रिकर्व तीरंदाजी में दक्षिण कोरिया की ओ येजिन को शूट-ऑफ में हराकर स्वर्ण पदक जीता। 5-5 की बराबरी के बाद निर्णायक शूट-ऑफ में कुमकुम ने 10 अंक हासिल किए, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी 8 अंक ही बना सकीं।

इस जीत के साथ कुमकुम ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए भारत का कोटा भी हासिल किया। वह इस स्पर्धा में एशियन गेम्स पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।

गोल्फ में भी भारत के लिए ऐतिहासिक पल आया। प्रणवी उर्स एशियन गेम्स में व्यक्तिगत गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गईं। उन्होंने चार राउंड में 15-अंडर 265 के स्कोर के साथ एक शॉट की बढ़त से स्वर्ण पदक जीता। भारतीय महिला टीम ने भी रजत पदक हासिल किया।

यानी जापान में 3 अक्टूबर भारत के लिए पदकों और रिकॉर्डों से भरा दिन रहा।

तिरंगा फिर सबसे ऊपर

क्रिकेट के मैदान पर कहानी आखिरकार वहीं खत्म हुई जहां भारतीय प्रशंसक उसे देखना चाहते थे—भारत की जीत, पाकिस्तान की चुनौती खत्म और गोल्ड मेडल भारतीय खिलाड़ियों के गले में।

अभिषेक का तूफान, तिलक की फिनिशिंग, वॉशिंगटन का ब्रेक और बुमराह का अनुभव—इन चार तस्वीरों ने मिलकर भारत को लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स क्रिकेट चैंपियन बना दिया।

गोल्ड बरकरार रहा। दबाव के बीच भारत ने बाजी मारी। और भारत-पाकिस्तान के इस हाई-वोल्टेज फाइनल को लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *