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एशियाई खेलों में भारत का शानदार दिन, मीराबाई का सिल्वर, बैडमिंटन में ब्रॉन्ज; शूटिंग में भी 2 पदक

खेल | ABC NATIONAL NEWS | नागोया | 23 सितंबर 2026

एशियाई खेल 2026 में 23 सितंबर का दिन भारत के लिए कई बड़ी उपलब्धियां लेकर आया। भारत ने बैडमिंटन, वेटलिफ्टिंग, शूटिंग और सॉफ्ट टेनिस में पदक अपने नाम किए। सबसे खास उपलब्धि मीराबाई चानू की रही, जिन्होंने महिलाओं के 49kg वेटलिफ्टिंग वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर एशियाई खेलों में अपना पहला पदक हासिल किया। वहीं भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने चीन से 1-3 की हार के बाद ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।

मीराबाई चानू ने फाइनल में कुल 198kg वजन उठाया। उन्होंने स्नैच में 88kg और क्लीन एंड जर्क में 111kg का प्रदर्शन किया। लंबे इंतजार के बाद एशियाई खेलों में पदक जीतना उनके लिए खास उपलब्धि रही। इससे पहले वह 2023 हांगझोउ एशियाई खेलों में पदक से चूककर चौथे स्थान पर रही थीं। भारत का वेटलिफ्टिंग में इससे पहले एशियाई खेल पदक 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी ने जीता था।

मीराबाई के मुकाबले में उत्तर कोरिया की री सोंग गुम ने 215kg के कुल वजन के साथ गोल्ड मेडल जीता और इसी दौरान 3 विश्व रिकॉर्ड बनाए। उन्होंने स्नैच में 94kg उठाया और क्लीन एंड जर्क में 121kg तक पहुंचीं। मीराबाई ने मजबूत प्रदर्शन किया, लेकिन गोल्ड से पीछे रह गईं।

बैडमिंटन में भारतीय पुरुष टीम को सेमीफाइनल में चीन के खिलाफ 1-3 से हार मिली। इसके बावजूद भारत के खाते में ब्रॉन्ज मेडल आया। भारत की ओर से केवल सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी अपना मुकाबला जीत सकी। लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी अपने-अपने मुकाबलों में ऊंची रैंकिंग वाले चीनी खिलाड़ियों के सामने हार गए। 2023 हांगझोउ एशियाई खेलों में भी भारत फाइनल में चीन से हारकर सिल्वर मेडल से संतोष करने को मजबूर हुआ था।

शूटिंग में भी भारत ने 2 ब्रॉन्ज मेडल जीते। महिलाओं की स्कीट टीम में राइजा ढिल्लों, महेश्वरी चौहान और परिनाज़ धालीवाल ने कुल 331 अंक के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। चीन 357 अंक के साथ गोल्ड और कजाकिस्तान 336 अंक के साथ सिल्वर पर रहा। पुरुषों की स्कीट टीम ने भी ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस तरह शूटिंग में भारत के पदकों की संख्या और बढ़ गई।

हालांकि, शूटिंग में भारत को कुछ निराशा भी मिली। महिलाओं की 10m एयर पिस्टल में मनु भाकर फाइनल में 181.1 अंक के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। उन्होंने क्वालिफिकेशन में तीसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन पदक हासिल नहीं कर सकीं। अब उनकी नजर 25m पिस्टल स्पर्धा पर होगी, जिसमें वह मौजूदा चैंपियन हैं।

सॉफ्ट टेनिस में जय मीणा ने इतिहास रच दिया। जापान के ताकुया कुरोसाका के खिलाफ सेमीफाइनल में हार के बावजूद जय ने ब्रॉन्ज मेडल पक्का किया। यह एशियाई खेलों में भारत का सॉफ्ट टेनिस में पहला पदक है। 26 साल के जय ने मुकाबले में 3 गेम पीछे रहने के बाद वापसी की कोशिश की, लेकिन आखिर में उन्हें 2-4 से हार का सामना करना पड़ा।

वुशु में रोशिबिना देवी ने भी फाइनल में जगह बनाकर गोल्ड की उम्मीद जगा दी है। उन्होंने महिलाओं के 60kg वर्ग के सेमीफाइनल में इंडोनेशिया की थानिया कुसुमन्यतास को 2-0 से हराया। अब फाइनल में उनका मुकाबला चीन की शियाओयू झांग से होगा। रोशिबिना पिछले 2 एशियाई खेलों में सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं और अब तीसरे लगातार पदक के साथ गोल्ड पर नजर लगाए हुए हैं।

बॉक्सिंग में 21 साल के अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80kg वर्ग के क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली। उन्होंने राउंड ऑफ 16 में बहरीन के हमसा वोगेल को 5-0 से हराया। अब वह ताजिकिस्तान के नेक्रुज सलीमोव के खिलाफ रिंग में उतरेंगे। एक और जीत उन्हें पदक पक्का करने के करीब पहुंचा देगी।

भारत के लिए दिन में कुछ निराशाजनक नतीजे भी आए। पुरुषों की 100m बटरफ्लाई में रोहित बेनेडिक्टन 53.08 सेकंड के समय के साथ कुल 13वें स्थान पर रहे और फाइनल में जगह नहीं बना सके। पुरुषों की सेपकटकरॉ टीम भी सेमीफाइनल में नहीं पहुंच सकी। भारत ने फिलीपींस को 2-1 से हराया, लेकिन सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए 3-0 की जीत जरूरी थी।

एशियाई खेलों के इस दिन भारत के लिए मीराबाई चानू का सिल्वर, पुरुष बैडमिंटन का ब्रॉन्ज, पुरुष और महिला स्कीट टीम के 2 ब्रॉन्ज और जय मीणा का ऐतिहासिक ब्रॉन्ज खास उपलब्धियां रहीं। वहीं वुशु में रोशिबिना देवी की फाइनल में एंट्री ने अगले दिन के लिए एक और गोल्ड की उम्मीद कायम रखी है।

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