उत्तर प्रदेश/राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | अयोध्या | 17 सितंबर 2026
बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन अयोध्या में अपने पिता और प्रसिद्ध कवि हरिवंश राय बच्चन के नाम पर एक धर्मशाला बनाने की योजना बना रहे हैं। इसके लिए उन्होंने अयोध्या विकास प्राधिकरण में भवन का नक्शा मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया है। प्रस्तावित धर्मशाला में 20 से अधिक कमरे होने की संभावना है। अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुराग जैन ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि प्रस्तावित परिसर का उद्देश्य देश के अलग-अलग हिस्सों से अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने और अन्य व्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुराग जैन ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों से कई प्रतिष्ठित लोगों ने अयोध्या के विकास और बदलते स्वरूप में अपना योगदान दिया है। इसी क्रम में अभिनेता अमिताभ बच्चन ने भी धर्मशाला के निर्माण के लिए भवन का नक्शा प्राधिकरण में प्रस्तुत किया है। अधिकारियों के मुताबिक प्रस्तावित धर्मशाला में 20 से अधिक कमरे हो सकते हैं और इसे अमिताभ बच्चन के पिता हरिवंश राय बच्चन के नाम से जोड़ा जाएगा।
हरिवंश राय बच्चन हिंदी साहित्य के प्रमुख कवियों में गिने जाते हैं। उनकी रचनाओं ने हिंदी कविता को व्यापक लोकप्रियता दिलाई। ‘मधुशाला’ उनकी सबसे प्रसिद्ध कृतियों में शामिल है। अमिताभ बच्चन कई मौकों पर अपने पिता के साहित्यिक योगदान और उनके साथ अपने रिश्ते को सार्वजनिक रूप से याद करते रहे हैं। ऐसे में अयोध्या में उनके नाम पर प्रस्तावित धर्मशाला को उनके प्रति सम्मान और स्मृति से जोड़कर देखा जा रहा है।
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद शहर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही में लगातार बढ़ोतरी हुई है। देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग राम मंदिर और अयोध्या के अन्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ शहर में आवास, यातायात और अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार की जरूरत भी बढ़ी है। इसी पृष्ठभूमि में धर्मशालाओं और अन्य ठहरने की सुविधाओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
प्रस्तावित धर्मशाला इसी बढ़ती जरूरत के बीच सामने आई है। 20 से अधिक कमरों वाली इस सुविधा में श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की जा सकती है। हालांकि भवन का अंतिम स्वरूप, कमरों की वास्तविक संख्या, निर्माण की समयसीमा और अन्य सुविधाओं की विस्तृत जानकारी भवन योजना को मंजूरी मिलने और आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
अयोध्या विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक शहर में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित लोग भी विकास गतिविधियों में योगदान दे रहे हैं। धार्मिक पर्यटन के बढ़ते महत्व के साथ निजी और सामाजिक संस्थाओं की ओर से श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित किए जाने से शहर के बुनियादी ढांचे पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि ऐसी परियोजनाओं के लिए स्थानीय भवन नियमों, सुरक्षा मानकों और प्राधिकरण की स्वीकृति प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होगा।
अमिताभ बच्चन का अयोध्या से जुड़ाव पहले भी चर्चा में रहा है। उन्होंने यहां जमीन खरीदने और अन्य गतिविधियों को लेकर भी सार्वजनिक चर्चा में जगह बनाई है। अब पिता हरिवंश राय बच्चन के नाम पर प्रस्तावित धर्मशाला की योजना उनके अयोध्या से जुड़ाव का एक और महत्वपूर्ण पहलू बन गई है।
फिलहाल यह परियोजना भवन योजना प्रस्तुत किए जाने के चरण में है। प्राधिकरण की मंजूरी और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के बाद ही निर्माण का अगला रास्ता साफ होगा। यदि योजना अपने प्रस्तावित स्वरूप में आगे बढ़ती है तो अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 20 से अधिक कमरों वाली यह धर्मशाला ठहरने की एक अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध करा सकती है।
अयोध्या में राम मंदिर के बाद बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच अमिताभ बच्चन की यह पहल अब चर्चा में है—पिता हरिवंश राय बच्चन के नाम पर बनने वाली प्रस्तावित धर्मशाला में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था होगी।



